Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

I-DAY: 2 जुलाई 1947, जिन्ना के चलते माउंटबेटन नहीं बन सके थे पाकिस्तान के गवर्नर जनरल

जिन्ना नहीं चाहते थे की लार्ड माउंटबेटन भारत के साथ-साथ पाकिस्तान का भी गवर्नर जनरल बने।

I-DAY: 2 जुलाई 1947, जिन्ना के चलते माउंटबेटन नहीं बन सके थे पाकिस्तान के गवर्नर जनरल
नई दिल्ली. COUNTDOWN I-DAY के सीरिज दो के अंतर्गत आज हम आपको बताएंगे कि हम भारतीयों के लिए 2 जुलाई 1947 का दिन किस रूप में महत्वपूर्ण रहा था। भारतीय इतिहास के उन सुनहरे दिनों में यदि हम झांकते हैं तो दिखाई देता है कि आज के ही दिन लॉर्ड मांउटबेटन के सामने मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान का गवर्नल जनरल बनने की इच्छा जाहिर की थी। इस पर लॉर्ड मांउटबेटन ने जिन्ना को अपनी मंशा बताते हुए कहा कि हमारा मानना है कि जिसे भी गवर्नर जनरल बनाया जाएगा उसे दोनों ही देशों की सत्ता और शक्ति की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ताकि दोनों देशों की रक्षा के सारे अधिकार एक ही व्यक्ति के पास हों।
लेकिन दूसरी ओर जिन्ना मन ही मन कुछ और ही सपने संजोए हुए थे। उन्हें पता था यदि दोनों देशों का एक ही गवर्नर जनरल बनाया गया तो उनका पाकिस्तान का वजीर-ए-आजम बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा। इस बात का भय उनके अंदर घर कर गया था। जिन्ना लॉर्ड मांउटबेटन के सामने इस बात के लिए अड़ गए थे कि उन्हें पाकिस्तान का गवर्नर जनरल बना दिया जाए।
जिन्ना को शायद इस बात का इल्म हो चुका था कि लार्ड मांउटबेटन खुद दोनों देशों का गवर्नर बनाना चाहता है और इस बात का खुलासा भी जल्द हो गया था जब भारत का पहला जनरल गवर्नर लार्ड मांउटबेटन को बनाया गया। तो दूसरी ओर पाकिस्तान का गवर्नर जनरल मोहम्मद अली जिन्ना को बनाया गया। अब आपको आगे हम एक ऐसे राज के बारे में बताएंगे जिसके बारे में शायद ज्यादातर लोग जानते होंगे।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, कैसे जिन्ना और लार्ड माउंटबेटन ने पर्दे के पीछे की थी फिक्सिंग -
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि और हमें फॉलो करें ट्विटर पर-
Next Story
Top