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संविधान दिवस / भारतीय संविधान समझदारी की आवाज है: चीफ जस्टिस

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने संविधान दिवस के मौके पर विज्ञान भवन में अपने भाषण में कहा कि जब भारत का संविधान लागू किया गया तो इसकी आलोचना की गई। सर इवर जेनिंग्स ने इस संविधान को बहुत बड़ा और कठोर बताया।

संविधान दिवस / भारतीय संविधान समझदारी की आवाज है: चीफ जस्टिस
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने संविधान दिवस के मौके पर विज्ञान भवन में अपने भाषण में कहा कि जब भारत का संविधान लागू किया गया तो इसकी आलोचना की गई। सर इवर जेनिंग्स ने इस संविधान को बहुत बड़ा और कठोर बताया। समय के साथ आलोचनाएं कमजोर हो गईं।

Constitution Day / इस वजह से 26 नवंबर को मनाया जाता है संविधान दिवस

आज यह गर्व की बात है कि पिछले 7 दशकों के साथ हमारा संविधान एक महान शक्ति के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान समझदारी की आवाज है। इसकी समझ ने संकट की घड़ी में हमारा मार्गदर्शन किया है। इस संविधान के तहत सावधानीपूर्वक सलाह देना हमारी सबसे अच्छी रूचि है।
यदि हम ऐसा न करें तो हमारे घमंड का परिणाम अराजकता होगी। इस मौके पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमें लोकतंत्र पर भरोसा करने की जरूरत है।
क्योंकि इसके द्वारा ही जनता में यह विश्वास है कि हम किसी भी राजनीतिक नेता या राजनीतिक दल को बेदखल कर सकते हैं चाहे वह कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो। चाहे उसके पास कितनी भी शक्ति हो। चाहे वह दिल्ली में बैठा हो या दूसरे राज्यों में।
संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उप राषट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिनर पर आमंत्रित किया।
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