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गुजरात राज्यसभा चुनाव: इन दो विधायकों के वोट रद्द न होते तो हार जाते अहमद पटेल

गुजरात राज्यसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई थी।

गुजरात राज्यसभा चुनाव: इन दो विधायकों के वोट रद्द न होते तो हार जाते अहमद पटेल

गुजरात में राज्यसभा चुनाव को लेकर कई दिनों से चल रहे नाटकीय घटनाक्रम का आज अंत हो गया। इस चुनाव में बीजेपी को करारा झटका लगा है। प्रतिष्ठा की इस लड़ाई में कांग्रेस के अहमद पटेल जीत गए है। पटेल को 44 वोट मिले है।

वहीं भाजपा की ओर से अमित शाह और स्मृति ईरानी ने भी राज्यसभा में अपनी सीट पक्की की। कांग्रेस की प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी अहमद पटेल की सीट कॉस वोटिंग की वजह से संशय में दिख रही थी।

वोटिंग के बाद मतगणना से पहले इस सीट को लेकर हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। दरअसल कांग्रेस के दो बागियों भोलाभाई और राघव पटेल ने अपने वोट दिखाते हुए भाजपा के पक्ष में वोट डालने की बात की थी।

इसका वीडियो होने का दावा करते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग में अर्जी लगाई। इस बीच मतगणना रुकी रही। चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती शुरू होने से पहले कांग्रेस की मांग को मानते हुए कांग्रेस विधायक भोला भाई और राघव जी भाई पटेल के वोट रद्द करने का आदेश दिया।

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कांग्रेस के इन दोनों विधायकों ने भाजपा को वोट दिया था। आयोग से कांग्रेस से मांग की थी कि इन विधायकों ने सीक्रेसी का उल्लंघन करते हुए अपना वोट वहां मौजूद पोलिंग एजेंट को अपना वोट दिखाया था इसलिए इनके वोट रद्द किये जाएं।

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा, 'विडियो देखने से साफ पता चलता है कि कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों ने अपने वोट को गुप्त नहीं रखा और इसके साथ उन्होंने बने नियम का उल्लंघन किया।'चुनाव आयोग ने देर रात रद्द किए गए वोटों को अलग करने के बाद वोटों की गिनती शुरू करने का आदेश दिया।

आखिरकार 7 घंटे की देरी के साथ वोटों की गिनती शुरू हुई और मतगणना में कांग्रेस विधायकों के वोट रद्द करने के बाद पटेल को जीतने के लिए कुल 174 वैध मतों में से 43.5 वोट चाहिए थे। पटेल ने 44 वोट हासिल कर राज्यसभा में अपनी सीट बरकरार रखी।

गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों पर हुई वोटिंग का विवाद मंगलवार को चुनाव आयोग पहुंच गया था। कांग्रेस ने आयोग से शिकायत की कि उसके दो विधायकों ने भाजपा को वोट दिया और अपने वोट सार्वजिनक रूप से दिखा दिए।

कांग्रेस की इस शिकायत का विरोध करने के लिए भाजपा के नेता भी आयोग पहुंच गए। कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि हमने गुजारिश की थी कि कांग्रेस, भाजपा और निर्वाचन अधिकारी को मिलकर वह वीडियो देखना चाहिए जिसमें दो विधायक अपने वोट खुलकर दिखा रहे हैं।

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लेकिन भाजपा ने हमारी मांग का विरोध कर दिया। गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए बलवंत सिंह राजपूत उम्मीदवार थे। कांग्रेस से सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल उम्मीदवार थे।

क्या था समीकरण

कांग्रेस के गुजरात में 57 विधायक थे। 6 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ दी थी। जोड़तोड़ से बचाने के लिए कांग्रेस अपने 51 में से 44 विधायकों को बेंगलुरु ले गई थी। 7 विधायक बेंगलुरु नहीं गए। कांग्रेस के 44 विधायक सोमवार को गुजरात लौट आए।

मंगलवार सुबह वोटिंग शुरू हुई। लेकिन बताया जा रहा है कि 7 कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। एनसीपी के भी एक विधायक ने पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर भाजपा को सपोर्ट कर दिया। अहमद पटेल को चुनाव जीतने के लिए 45 वोट चाहिए थे।

भाजपा के पास 121 वोट हैं। अमित शाह और स्मृति ईरानी का 45-45 वोट के साथ जीतना तय था। मगर, तीसरे उम्मीदवार राजपूत के पास सिर्फ 31 वोट रह जाते थे। उन्हें जीतने के लिए 14 वोट और चाहिए थे।

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