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गुजरात चुनाव के ऐलान में देरी को लेकर SC पहुंची कांग्रेस, EC ने दी सफाई

गुजरात के विधानसभा चुनाव के ऐलान में हो रही देरी का मामला अब अदालत में पहुंच गया है।

गुजरात चुनाव के ऐलान में देरी को लेकर SC पहुंची कांग्रेस, EC ने दी सफाई

गुजरात के विधानसभा चुनाव के ऐलान में हो रही देरी को लेकर में अब कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। कांग्रेस के कानूनी विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में बाकायदा याचिका दायर की गई है।

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कांग्रेस के कानूनी विभाग के प्रमुख विवेक तनखा के मुताबिक दायर याचिका में 14 बिंदुओं को उठाया गया है। इन बिंदुओं पर पहले चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा गया था, लेकिन उधर से कोई उत्तर नहीं मिला। इसलिए हमें सुप्रीम कोर्ट का रुख अपनाना पड़ा है।

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गुजरात चुनाव की तारीख में देरी पर कांग्रेस शुरू से चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप लगा रही है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा की केंद्र सरकार जानबूझकर ही गुजरात चुनाव की तारीख के ऐलान में देरी कर रही है। जिससे लोकलुभावन ऐलान का पूरा मौका मिल सके।

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इस बीच चुनाव आयोग ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में गुजरात चुनाव में हो रही देरी की कई वजह गिनाई हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोती ने अपनी सफाई में कहा कि सरकार के ज्यादातर कर्मचारी गुजरात में बाढ़ राहत कार्य में लगे हैं। ऐसे में चुनाव कराना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि चुनाव कार्य के लिए राज्य सरकार के 26,443 कर्मचारियों को लगाना है। लेकिन यह स्टाफ अभी राहत कार्य में ही जुटा हुआ है। ऐसे में चुनाव आयोग स्टाफ की आपूर्ति कहीं और से नहीं कर सकता है।

अचल कुमार जोति ने कहा कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम समेत कई वजहों से हिमाचल प्रदेश के चुनाव गुजरात से पहले कराने का फैसला लिया गया।

जोति ने कहा कि सभी सियासी दलों और हिमाचल प्रदेश के प्रशासन ने चुनाव आयोग से नवंबर के मध्य में चुनाव कराने का गुजारिश की थी। इसकी वजह है कि हिमाचल प्रदेश के 3 जिलों किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा में भारी बर्फबारी होती है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आयोग नहीं चाहता था कि लोगों पर मौसम का असर पड़े और वे वोट से वंचित हो जाएं। इससे साथ ही आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि गुजरात चुनाव के शेड्यूल असर हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणाम पर ना पड़े।

एक नजर हिमाचल प्रदेश के चुनावी शेड्यूल पर:-

अधिसूचना : 16 अक्टूबर

नामांकन: 23 अक्टूबर

नामांकन की जांच : 24 अक्टूबर

नामांकन वापस लेने की आखिरी तिथि: 26 अक्टूबर

मतदान : 9 नवंबर

चुनाव नतीजे : 18 दिसंबर

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