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भगवान राम के तीर थे ISRO के मिसाइल जैसे

राम ने लोगों को आजाद कराने के लिए इनका इस्तेमाल किया था।’

भगवान राम के तीर थे ISRO के मिसाइल जैसे
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गुजरात के सीएम विजय रूपानी ने भगवान राम के तीर की तुलना मिसाइल से कर डाली है।

रुपानी का कहना है कि रामायण में राम के जिस तीर के बारे में बताया गया है वो इसरो की मिसाइल है।

आपको बता दे सूबे के इंस्टीट्यूट ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी रिसर्च एंड मैनेजमेंट (आईआईटीआरएएम) के कॉन्वोकेशन में उन्होंने ये बातें कहीं।

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उन्होंने यह भी कहा कि कॉन्वोकेशन में बुनियादी सुविधाओं के निर्माण और सामाजिक इंजीनियरिंग को इसमें शामिल करने का श्रेय भगवान राम को जाता है।

‘राम का एक-एक तीर मिसाइल था। जो काम आज इसरो कर रहा है। राम ने लोगों को आजाद कराने के लिए इनका इस्तेमाल किया था।’

भगवान राम की इंजीनियरिंग स्किल कौशल की सहारना करते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘अगर बुनियादी ढांचा भगवान राम और रामायण से जुड़ा है तो कल्पना कीजिए राम किस तरह के इंजीनियर थे? जिन्होंने भारत और श्रीलंका को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण किया था।

यहां तक की गिलहरी ने पुल के निर्माण के लिए अपनी मदद की पेशकश की। लेकिन आज लोग सोचते हैं राम सेतु समुद्र में बनाया गया था। बल्कि राम सेसु राम की ही कल्पना थी।

विशेषज्ञों ने बताया कि लक्ष्मण जब बेहोश हो गए थे, तो उत्तर भारत में एक जड़ी बूटी थी जो उन्हें ठीक कर सकती थी। इससे साबित होता है उस दौरान शोध थे।

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जब हनुमान भूल गए किस जड़ी बूटी को लाना है तो वो पूरा पहाड़ उठा लाए थे। तब ऐसी कौन सी तकनीक थी जो पूरे पर्वत को लाने में मदद कर सकती थी? ये भी बुनियादी ढांचे के विकास की एक कहानी है।

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