Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

दुश्मनी छोड़ पाक का शांति पैगाम स्वीकार करे भारत: चीन

चीन ने कहा है कि इस तरह के मौके बहुत कम आते हैं।

दुश्मनी छोड़ पाक का शांति पैगाम स्वीकार करे भारत: चीन
X
पेइचिंग. चीन ने भारत को सलाह दी है कि वह अपने पड़ोसी मुल्‍क के साथ मतभेदों को भुलाकर चाइना-पाकिस्‍तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) में शामिल हो ताकि दोनों देशों के बीच के तनाव को कम किया जा सके। चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ने लिखा कि पाकिस्‍तान ने शांति का जो पैगाम बढ़ाया है, भारत को उसे स्‍वीकार करना चाहिए। पाक के बाद चीन ने अब चीन ने भारत को यह सलाह दी है।
इससे पहले पाकिस्तान के एक शीर्ष अफसर ने भारत को सीपीइसी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा था कि भारत को पाकिस्तान के साथ 'दुश्मनी छोड़कर' अरबों डॉलर की परियोजना का संयुक्त रूप से लाभ उठाना चाहिए। उसी तर्ज पर चीन ने भी भारत को सीपीइसी में शामिल होने के लिए सलाह दी है।
बार-बार नहीं मिलते ऐसे मौके-
ग्‍लोबल टाइम्‍स की रिपोर्ट में कहा गया, 'रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्‍तान के एक टॉप अधिकारी ने भारत को सीपीइसी में शामिल होने का न्‍योता दिया है। भारत को पाकिस्‍तान की तरफ से शांति का जो प्रस्‍ताव मिला है, उसे स्‍वीकार करने पर भारत को विचार करना चाहिए। इस तरह के मौके बहुत कम आते हैं। अगर भारत इस पर वक्‍त रहते प्रतिक्रिया नहीं देता है तो हो सकता है कि पाकिस्‍तान के विरोधी सुरों द्वारा इस पर ग्रहण लगा दिया जाए।'
चीन नहीं चाहता फायदा उठाना-
रिपोर्ट में कहा गया, 'कश्‍मीर को लेकर भारत और पाकिस्‍तान के बीच चल रहे हालिया विवाद के कारण भारत 46 अरब डॉलर के इस प्रॉजेक्‍ट में शामिल होने को लेकर चौकस है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि यह प्रॉजेक्‍ट पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर (पीओके) से होकर गुजरता है। हालांकि, पाकिस्‍तान की तरह, भारत की प्रमुख रणनीति आर्थिक और सामाजिक विकास की होनी चाहिए। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने का सबसे प्रमुख उपाय यह है कि आर्थिक संबंध स्‍थापित किए जाएं और ये आर्थिक संबंध आपसी फायदे पर आधारित हों। चीन की यह कतई मंशा नहीं है कि वह सीपीइसी का इस्‍तेमाल भारत-पाकिस्‍तान के बीच के विवाद का फायदा उठाने में करे। इसके विपरीत, चीन चाहता है कि भारत सीपीइसी में शामिल हो। चीन, दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्‍कों (भारत-पाक के संदर्भ में) को दोस्‍ताना माहौल में देखना चाहता है।'
पाकिस्‍तान ने की थी अपील-
इससे पहले पाकिस्‍तान के क्वेटा स्थित दक्षिणी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल आमिर रियाज ने मंगलवार को कहा था कि भारत को पाकिस्तान के साथ 'शत्रुता छोड़कर' ईरान, अफगानिस्तान और अन्य मध्य एशियाई देशों के साथ 46 अरब डॉलर वाले सीपीईसी में शामिल होना चाहिए और उसका लाभ उठाना चाहिए।
साभार- TOI
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story