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पुलवामा हमले पर चीन की नापाक हरकत उजागर, कहा- जैश का जिक्र सामान्य संदर्भ में, फैसला नहीं

पुलवामा हमले की घटना के बाद जहां दुनिया के अधिकांश देश भारत के साथ खड़े हैं और पाकिस्तान को आतंकवाद पर बेनकाम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में निंदा प्रस्ताव लाए वहीं पाक का सदाबहार दोस्त चीन का रवैया नहीं बदला है।

पुलवामा हमले पर चीन की नापाक हरकत उजागर, कहा- जैश का जिक्र सामान्य संदर्भ में, फैसला नहीं
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पुलवामा हमले की घटना के बाद जहां दुनिया के अधिकांश देश भारत के साथ खड़े हैं और पाकिस्तान को आतंकवाद पर बेनकाम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में निंदा प्रस्ताव लाए वहीं पाक का सदाबहार दोस्त चीन का रवैया नहीं बदला है। पहले वह संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के बचाव में ढाल बनकर खड़ा था और अब पुलवामा आतंकी हमले पर भी उसकी नापाक हरकत उजागर हो गई है। एक हफ्ते तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान को रोके रहने के बाद भी जब उसकी मंशा नाकाम हो गई तो उसने हमले की निंदा वाले इस बयान को कम करके आंकने की कोशिश की है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के स्थायी सदस्य देश चीन ने पुलवामा आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद को नामजद करते हुए जारी बयान को शुक्रवार को तवज्जो नहीं दी।
चीन ने कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन का जिक्र सिर्फ सामान्य संदर्भ में हुआ है और यह किसी फैसले को प्रदर्शित नहीं करता है। सुरक्षा परिषद ने इस जघन्य और कायराना आतंकी हमले की गुरुवार को कड़े शब्दों में निंदा की थी।
संरा ने एक बयान में पुलवामा हमले की सख्त निंदा की
यूएनएससी ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा परिषद के सदस्य देश जम्मू-कश्मीर में हुए जघन्य और कायराना आत्मघाती हमले की सख्त निंदा करते हैं। 14 फरवरी को हुए इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए, जिसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।
पुलवामा हमले में जैश की भूमिका का जिक्र करने वाले बयान के बारे में पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने पत्रकारों से कहा कि उनका देश आतंकी घटना से जुड़े घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखे हुए है।
उन्होंने कहा, कल यूएनएससी ने एक बयान जारी किया, जिसमें एक खास संगठन का जिक्र है लेकिन सामान्य संदर्भ में। यह हमले पर किसी फैसले को प्रदर्शित नहीं करता है।
प्रवक्ता की इस टिप्पणी को चीन की एक ऐसी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है जिसका लक्ष्य अपने करीबी सहयोगी पाकिस्तान को तसल्ली देना और आतंकी संगठन जैश को दोषी ठहराए जाने को कम तवज्जो देना है।
चीन बार-बार अडंगा लगाता रहा है
गौरतलब है कि चीन संयुक्त राष्ट्र की आतंक रोधी 1267 कमिटी में जैश सरगना मसूद अजहर पर एक वैश्विक प्रतिबंध लगाने के लिए भारत और कई अन्य देशों की कोशिश में बार-बार अड़ंगा डालता रहा है।
वहीं, यूएनएससी के एक अन्य सदस्य देश फ्रांस ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि वह अजहर को सूचीबद्ध कराने के लिए 1267 कमिटी में जल्द ही एक प्रस्ताव लाएगा।
गेंग ने कहा-सभी पक्ष हमले की सच्चाई का पता लगाने के लिए काम करेंगे
गेंग ने शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि चीन ने इस बात का भी जिक्र किया है कि पाकिस्तान सरकार ने जांच में भारत के साथ सहयोग करने की तत्परता दिखाई है और वह वार्ता के जरिए भारत के साथ मतभेदों को दूर करने को तैयार है।
उन्होंने कहा, चीन आशा करता है कि सभी पक्ष हमले की सच्चाई का पता लगाने के लिए काम करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता की संयुक्त रूप से हिफाजत के लिए पाकिस्तान और भारत वार्ता करेंगे।

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