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आतंकियों को रोकने के बहाने अफगानिस्तान में ''सैन्य अड्डा'' बनाएगा चीन

पिछले कुछ महीनों में अफगान और चीन के सैनिकों को इस इलाके में संयुक्त गश्त लगाते देखा गया है।

आतंकियों को रोकने के बहाने अफगानिस्तान में

अफगानिस्तान से आतंकियों के आने पर रोक लगाने के बहाने चीन अपने पड़ोसी देश में सैन्य अड्डा बनाने के लिए काबुल से बातचीत कर रहा है। अफगान अधिकारियों ने बताया कि चीन अफगानिस्तान के सुदूर वाखान कॉरीडोर में सैन्य अड्डा बनाना चाहता है।

पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के सैनिकों को इस इलाके में संयुक्त गश्त लगाते देखा गया है। अफगान रक्षा मंत्रालय के उप प्रवक्ता मुहम्मद रादमनेश ने बताया कि दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच पिछले साल दिसंबर से इस मसले पर चर्चा चल रही है।

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हालांकि, अभी तक चीजें स्पष्ट नहीं हुई हैं। काबुल में चीनी दूतावास के एक वरिष्ठ राजनयिक ने कहा कि अफगानिस्तान में बीजिंग सिर्फ अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। वाखान कॉरीडोर चीन के शिनजियांग प्रांत से सटा एक बंजर और सर्द इलाका है।

यह शेष अफगानिस्तान से इस कदर कटा हुआ रहता है कि यहां के लोगों को अपने देश में होने वाले संघर्षो की आमतौर पर जानकारी ही नहीं रहती है। हालांकि, चीन के अशांत शिनजियांग प्रांत से उनका करीबी नाता रहता है और दोनों क्षेत्रों के लोग एक-दूसरे के यहां आते-जाते रहते हैं।

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अफगानिस्तान में सैन्य अड्डा बनाने का चीन का इरादा ऐसे समय सामने आया है, जब राष्ट्रपति शी चिनफिंग अपने देश का राजनीतिक दबदबा बढ़ाने में लगे हुए हैं। दक्षिण एशियाई देशों में चीन आधारभूत ढांचे में लाखों डॉलर निवेश कर रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि अस्थिर होने के नाते अफगानिस्तान में चीन जो भी निवेश करेगा, उसे सुरक्षा के चश्मे से देखा जाएगा।चीन का मानना है कि ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट के उइगर विद्रोही शिनजियांग प्रांत में हमले करने के लिए वाखान कॉरीडोर होकर ही आवाजाही करते हैं।

उसे इस बात का भी डर है कि इराक और सीरिया से भाग रहे आइएस आतंकी इस इलाके से होकर चीन तक पहुंच सकते हैं।

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