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चीन की इन गहरी साजिशों को नहीं समझ पाया भारत, एक बार फिर शुरू हुआ डोकलाम विवाद!

चीन ने एक बार फिर डोकलाम विवाद की पहल की है।

चीन की इन गहरी साजिशों को नहीं समझ पाया भारत, एक बार फिर शुरू हुआ डोकलाम विवाद!
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डोकलाम क्षेत्र पर 73 दिनों की तनातनी के बाद भारत और चीन दोनों ने ही समझौते के तहत अपनी-अपनी सेना क्षेत्र से पीछे हटाने की घोषणा की थी। 28 अगस्त को दोनों देशों ने सेना हटा भी ली थी। ये फैसला तब लिया गया था जब ब्रिक्स बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई।

1 महीने बाद चीन ने दिखा दिया कि उससे समझौते की अपेक्षा करना भारत की सबसे बड़ी भूल है और चीन ने एक बार फिर भारत की पीठ पर खंजर भोंका। चीन दिखा तो रहा है कि वो भारत के साथ अपनी दोस्ती मजबूत करना चाहता है लेकिन ऐसा दिखाकर वो विश्वभर में अपनी छवि सुधारना चाहता है लेकिन भारत की पीठ पीछे वो एक गहरी साजिश रच रहा है।


ये हैं चीन की साजिशें-
1. चीन ने डोकलाम ट्राइजंक्शन पर 500 सैनिक फिर से जमा कर दिए हैं। हाल ही में सभी को लगा था कि भारत और चीन के बीच फिर से सबकुछ ठीक हो रहा है और रिश्ते सुधर जाएंगे क्योंकि डोकलाम विवाद अब ठंडा पड़ गया है। लेकिन ऐसा सोचना सभी की भूल थी क्योंकि चीन ने डोकलाम के पास फिर से सैनिकों की तैनाती करना शुरू कर दी है। चीन की मंशा का कुछ पता नहीं चल रहा कि आखिर वो करना क्या चाह रहा है।
2. चीन ने डोकलाम क्षेत्र के पास फिर से सड़क निर्माण शुरू कर दिया है। डोकलाम विवाद खत्म होने के बाद चीन ये कह रहा था कि उसने डोकलाम ट्राइजंक्शन के पास सड़क निर्माण बंद कर दिया है लेकिन बताया जा रहा है कि चीन ने एक बार फिर सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। चीन भारत को फिर धोखा देने की तैयारी कर रहा है।
3. चीन ने हाल ही में तिब्बत को नेपाल से जोड़ने वाला हाईवे खोला है और अब चीन अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर के पास एक्सप्रेसवे खोलने जा रहा है। एक्सप्रेसवे ल्हासा और निंगची को एक दूसरे से जोड़ता है।इसे बनाने में 5.8 अरब डॉलर की लागत आई है और इसकी लंबई 409 किलोमीटर है।
निंगची अरुणाचल प्रदेश की सीमा के निकट है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक 409 किलोमीटर लंबे टोल फ्री एक्सप्रेसवे ने दो शहरों को जोड़ा है जो तिब्बत में पर्यटकों के आकर्षण केंद्र भी है।
4. चीन अब तिब्बत में हाईवे बना रहा है जो कि नेपाल से जाकर जुड़ेगा। चीनी मीडिया के मुताबिक ये हाइवे सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ये 25 मीटर लंबा हाईवे है और इसे बख्तरबंद वाहनों और सैन्य विमानों के लिए एक रनवे की तरह काम करेगा।
चीनी मीडिया ने कहा कि भारत इससे काफी परेशान होगा। चीनी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के अनुसार ये हाईवे जिगाजे एयरपोर्ट से जिगाजे सिटी सेंटर को जोड़ेगा जिसे लोगों के इस्तेमाल के लिए खोल दिया गया है।

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