Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

चीन ने चली नई चाल, अरुणाचल प्रदेश के इस हिस्से को लेकर दिया बड़ा बयान

डोकलाम विवाद के अब भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश विवाद का कराण बन सकता है। चीन ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश को तिब्‍बत का हिस्‍सा बताया है।

चीन ने चली नई चाल, अरुणाचल प्रदेश के इस हिस्से को लेकर दिया बड़ा बयान

डोकलाम विवाद के अब भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश विवाद का कराण बन सकता है। बुधवार को चीन ने कहा कि उसने कभी भी भारत के अभिन्न राज्य अरुणाचल प्रदेश का अस्तित्व स्वीकार ही नहीं किया है और यह दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है।

मीडिया मे आई इस खबर पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता गेंग शुआंग ने अपने सैनिकों के भारतीय सीमा में दाखिल होने के सवाल पर चुप्‍पी साध ली। आपको बता दें कि गेंग शुआंग ने यह टिप्पणी तब की जब एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले के एक गांव के पास चीनी सैनिक भारतीय सीमा में करीब 200 मीटर तक घुस आए थे।

यह भी पढ़ें- ट्रिपल तलाक बिल राज्यसभा में पेश, भारी हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

इस बात पर जब गेंग शुआंग से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'सबसे पहले हम बता दें कि सीमा मुद्दे पर हमारी स्थिति स्‍पष्‍ट और सुसंगत है। हम अरुणाचल प्रदेश के अस्तित्‍व को स्‍वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि आप जिस स्थिति की बात कर रहे हैं, मुझे उसकी जानकारी नहीं है।'

बता दें कि चीन अरुणाचल प्रदेश के दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता रहा है। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के 3,488 किमी पर सीमा विवाद है।

यह भी पढ़ें- राज्यसभा की रेस से बाहर होने पर बोले विश्वास- अरविंद ने कहा था 'सर जी आपको मारेंगे पर शहीद नहीं होने देंगे'

रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी सैनिकों ने पिछले महीने निर्माण साधनों के साथ अरुणाचल प्रदेश में घुसने की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय सैनिकों ने उनकी इस कोशिश को नाकाम कर दिया था। खबरों मिली जानकारी के मुताबित चीनी सैनिक कथित तौर पर अपने साथ लाए निर्माण उपकरण छोड़कर चले गए थे।

गेंग शुआंग ने कहा, 'देखिए, मैं यहां कहना चाहता हूं कि चीन और भारत के बीच सीमा संबंधी मामलों के लिए एक अच्छी तरह से विकसित प्रणाली है। उन्होंने कहा इस प्रणाली के जरिए चीन और भारत सीमा संबंधी मामलों को सुलझा सकते हैं।

इसके अलावा उन्होंने कहा सीमा पर शांति और स्थिरता को बनाए रखना चीन और भारत दोनों के लिए महत्‍वपूर्ण है। जब गेंग शुआंग से पूछा गया कि यह डोकलाम की तरह भारत और चीन के बीच दूसरा विवाद है। इस पर तो उन्होंने कहा, 'जो विवाद पिछले वर्ष हुआ था उसे अच्छी तरह सुलझा लिया गया।

Next Story
Top