Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

चीन ने डोकलाम पर फिर ठोका दावा, कहा- शांति से सुलझे सीमा विवाद

डोकलाम में अपने सैन्य ढांचे में इजाफे को सही ठहराते हुये चीन ने आज दावा किया कि यह इलाका उसकी संप्रभुता में आता है।

चीन ने डोकलाम पर फिर ठोका दावा, कहा- शांति से सुलझे सीमा विवाद

डोकलाम में अपने सैन्य ढांचे में इजाफे को सही ठहराते हुये चीन ने आज दावा किया कि यह इलाका उसकी संप्रभुता में आता है। चीन ने कहा कि सीमा विवाद को लेकर चीन और भारत के मतभेदों को 'शांतिपूर्ण तरीके' से मौजूदा तंत्र के जरिये ही सुलझाया जाना चाहिये।

चीनी दैनिक ग्लोबल टाइम्स में छपे चीन में भारतीय राजदूत गौतम बंबावले के एक साक्षात्कार पर प्रतिक्रिया करते हुये चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चूनयिंग ने यहां कहा कि मौजूदा तंत्र के जरिये मतभेदों को हल किया जा सकता है।

भारतीय राजदूत ने अपने साक्षात्कार में कहा था कि 3,488 किलोमीटर की सीमा के संवेदनशील क्षेत्रों में यथास्थिति में बदलाव नहीं किया जाना चाहिये। बंबावाले ने कहा था कि मेरा मानना है कि आप इसे डोकलाम विवाद को बढ़ा चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- राहुल गांधी को मेघालय जाने के लिए मिला 20 साल पुराना हेलिकॉप्टर, दौरा हुआ रद्द

मेरा मानना है कि डोकलाम विवाद के बाद भारत और चीन को एक दूसरे से बात करते रहने की जरूरत है और पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बातचीत करने की जरूरत है, नेतृत्व के स्तर से लेकर विभिन्न स्तरों पर।

डोकलाम इलाके में 73 दिनों तक आमने-सामने रहने के बाद पिछले साल 28 अगस्त को गतिरोध दूर हुआ था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्वोत्तर के राज्यों को इलाके से जोड़ने वाले संकरे ‘चिकन नेक' इलाके के पास चीन द्वारा किये जा रहे रणनीतिक सड़क निर्माण को रोका गया था।

जब भारतीय राजदूत की टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से हमने यह नोट किया कि राजदूत ने इस मुद्दे के संदर्भ में बयान दिया है।

यह भी पढ़ें- पंजाब: यूनिवर्सिटी में झगड़ा सुलझाने पहुंचे DSP ने खुद को मारी गोली, मौत

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को सीमा मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से देखना चाहिये और सीमा-संबंधी मौजूदा तंत्रों के जरिये इनका समाधान करना चाहिये जिससे हम हमारे मतभेदों के उचित समाधान के लिये स्थितियां और सक्षम माहौल बना सकें।

सीमा पर तनाव को लेकर चर्चा करने के लिये अलग व्यवस्था के अलावा भारत और चीन में इस मुद्दे पर मतभेदों के समाधान के लिये विशेष प्रतिनिधि स्तर की सीमा वार्ता का तंत्र भी मौजद है। भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा 'एलएसी' है।

सीमा मुद्दे के हल के लिये दोनों पक्षों में 20 दौर की सीमा वार्ता हो चुकी है। हुआ ने चीन के रुख पर एक बार फिर जोर दिया कि डोकलाम उसका ही भूभाग है। भूटान भी इस इलाके पर अपना दावा करता है।

डोकलाम में चीनी सैन्य सुविधाओं से जुड़ी उपग्रह की नयी तस्वीरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मै जोर देकर कहना चाहूंगी कि यह 'इलाका' चीन की संप्रभुता में आता है जिसमें हम डोंगलांग 'डोकलाम' इलाके में प्रतिष्ठानों का निर्माण कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- इकोनॉमिक सर्वे 2018: शिक्षा-स्वास्थ्य, लिंग समानता पर होगा सरकार का फोकस

उन्होंने कहा कि चीन-भारत सीमा का सिक्किम क्षेत्र इस ऐतिहासिक संधि से सीमांकित है और यह चीन के प्रभावी न्यायक्षेत्र में आती है।'' चीन ने दावा किया कि सिक्किम क्षेत्र की सीमा का विवाद ब्रिटेन और चीन के बीच 1890 में हुई संधि से सुलझ गया था।

हुआ ने कहा कि चीन ने हमेशा डोंगलांग 'डोकलाम' समेत अपने सीमावर्ती इलाकों में संप्रभुता को कायम रखा है। उन्होंने कहा कि कुछ भारतीय मीडिया में इलाके में सैन्य जमाव और आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को लेकर खबरें आई हैं। वे इस बारे में काफी उत्साहित हैं।

Next Story
Top