Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

चिकनगुनिया और डेंगू से डरें नहीं...जानें इसके लक्षण, बचाव और उपचार

चिकनगुनिया (Chickenguniya) के लक्षण : 1. चिकनगुनिया में पीड़ित को अचानक तेज बुखार होता है। 2. बुखार के साथ हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होना। 3. रोगी के सिरदर्द और त्वचा पर रेशेज आने लगते हैं। 4.शरीर के तापमान बढ़ने से नकसीर भी फूट जाती है। डेंगू (Dengue) के लक्षण : 1. तेज बुखार के साथ ठंड लगना। 2. शरीर में कमजोरी होने के साथ चक्कर आना। 3. आंखों की रोशनी का धुंधला होना। 4. पेट में दर्द होना और भूख में कमी होना।

चिकनगुनिया और डेंगू से डरें नहीं...जानें इसके लक्षण, बचाव और उपचार

chikungunya symptoms chikungunya treatment dengue symptoms dengue treatment (चिकनगुनिया के लक्षण, बचाव और उपचार - डेंगू के लक्षण, बचाव और उपचार) बारिश के मौसम की शुरुआत होते हैं जानलेवा चिकनगुनिया (Chickenguniya) का प्रकोफ बढ़ जाता है। हर साल देश में वायरल इन्फैक्शन से होने वाली चिकगुनिया की बीमारी से सैंकड़ों लोगों की मौत हो जाती है। एडिस मच्छर से होने वाली चिकनगुनिया एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में तेजी से फैल रही है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को मच्छर काटने के 4-6 दिनों बाद रोग के लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं चिकनगुनिया के लक्षण, कारण और उपचार




चिकनगुनिया के कारण / Chikungunya Causes

चिकनगुनिया एडिस नामक मादा मच्छर के काटने से होने वाली एक गंभीर संक्रामक बीमारी है। समय पर इलाज न मिलने से पीड़ित की जान तक जा सकती है। ये मच्छर अक्सर सुबह या दोपहर के समय में काटते हैं। ये मच्छर अक्सर घर के अंदर साफ पानी में पैदा होते हैं। चिकनगुनिया का वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में वायरस के जरिए फैलता है। समय पर इलाज न मिलने से जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है।




चिकनगुनिया के लक्षण / Chikungunya Symptoms

1. चिकनगुनिया में पीड़ित को अचानक बुखार होता है।

2. बुखार के साथ हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होना।

3. थकान के साथ शरीर कमजोर होता है।

4. चिकनगुनिया में रोगी के सिरदर्द और त्वचा पर रेशेज आने लगते हैं।

5. शरीर के तापमान बढ़ने से नकसीर भी फूट जाती है।

जबकि कई बार चिकनगुनिया का असर दिल के अलावा आंखों की रोशनी और न्यूरो यानि मस्तिष्क संबंधी समस्या का कारण बन जाती है।




चिकनगुनिया के घरेलू उपचार / Home Remedies For Chikungunya

1. चिकनगुनिया में तेजी से आराम पाने के लिए घरेलू उपाय बेहद फायदेमंद होते हैं। गिलोय, काली मिर्च, तुलसी के पत्ते और पपीते के पत्तों को पानी के साथ मिलाकर एक चौथाई रहने तक उबालें और ठंडा करके सेवन करें। गिलोय और पपीते के पत्तों से शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स में तेजी से इजाफा होता है।

2. चिकनगुनिया में हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होता है। ऐसे में गुनगुने कैस्टर ऑयल में दालचीनी पाउडर को मिलाकर हल्के हाथों से मालिश करने से दर्द में आराम मिलता है।

3.चिकनगुनिया के समय रोगी को रोजाना रात को सोने से पहले हल्दी वाली दूध का सेवन करवाएं। क्योंकि हल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जिससे दर्द के साथ शरीर में बेकार बैक्टीरिया खत्म करने में मदद मिलती है।

4. हल्के गुनगुने पानी में शहद और नींबू का रस मिलाकर पीएं। शहद में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करते हैं। तो वहीं, नींबू के सेवन से शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

5.चिनगुनिया में नारियल पीना भी फायदेमंद होता है। क्योंकि उसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। जो लीवर को डिटॉक्सीफाई करता है यानि शरीर के सभी विषैले तत्वों को बाहर निकलाने में मदद करता है। इसके अलावा बकरी का दूध का सेवन करना भी बेहद उपयोगी होता है।




चिकनगुनिया में क्या खाएं / What Eat

1. चिकनगुनिया में रोगी को अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

2. चिकनगुनिया में विटामिन सी और ई का सीमित मात्रा में नियमित रुप से सेवन करने फायदा होता है। क्योंकि शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

3. पानी का दिन में 8-10 गिलास पानी जरुर पीना चाहिए।

4. चिकनगुनिया में सेब और केला का रोजाना सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। इसके साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है।

5. चिकनगुनिया में डेयरी प्रोडक्ट्स (दूध, पनीर) के अलावा बकरी का दूध का सेवन करना भी बेहद उपयोगी होता है।




चिकनगुनिया में क्या न खाएं / Do Not Eat

1. चिकनगुनिया में ऑयली फूड खाने से बचें।

2. जंकफूड और मैदा खाना खाने परहेज करें।

3. चिकनगुनिया में नॉन वेज खाना खाने से बचें।

4. शराब और तंबाकू खाने से बचें।




चिकनगुनिया से बचाव / Precautions for Chikungunya

1. चिकनगुनिया से बचने के लिए घर के अंदर या आसपास पुराने बर्तन या गढढे में पानी इकट्ठा न होने दें।

2. दिन में मच्छर रेप्लीकेंट का इस्तेमाल करें।

3. रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

4. घर में नीम का तेल और देसी कपूर को मिलाकर जलाने से मच्छर दूर रहते हैं।

5. हमेशा खाना खाने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोएं।




डेंगू और चिकनगुनिया के बीच अंतर / Differences Between Dengue and Chikungunya

वैसे तो चिकनगुनिया और डेंगू दोनों ही जानलेवा और गंभीर संक्रामक बीमारी है। जो एडिस मच्छर के काटने से होती हैं। लेकिन फिर भी कुछ अंतर ऐसे हैं, जिन्हें देखकर आप डेंगू और चिकनगुनिया में अंतर पहचान सकते हैं।

1. चिकनगुनिया में हड्डियों और मांसपेशियों के तेज दर्द होता है। जबकि डेंगू में पीड़ित को सांस और रक्त संबंधी समस्याएं होती हैं।

2. चिकनगुनिया में डेंगू की तुलना में हाथ-पैरों में सूजन और दर्द अधिक होता है।

3. चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षण 1-12 दिनों में दिखते हैं और बुखार, इंफेक्शन एक से दो सप्ताह तक रहता है। जबकि डेंगू में शुरुआती लक्षण 3-7 सप्ताह में दिखाई देने लगते हैं जबकि उसका असर लगभग 4 से 7 सप्ताह तक रहता है।

4. चिकनगुनिया और डेंगू दोनो ही मादा एडिस मच्छर से होती हैं। लेकिन फिर भी दोनों बीमारियों के वाररस में अंतर होता है। चिकनगुनिया में टोगाविरिडे अल्फ़ावायरस और डेंगू की बीमारी फ्लेविरिडे फ्लावीवायरस की वजह से होता है।

Share it
Top