Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

लोकसभा चुनाव से पहले कृषि ऋण माफी नहीं करेगी केंद्र सरकारः क्रेडिट सुइस

वैश्विक वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी क्रेडिट सुइस ने सोमवार को कहा कि कुछ मुख्य राज्यों में विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी आम चुनाव से पहले केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में किसी बड़े कर्जमाफी की घोषणा नहीं करने वाली है।

लोकसभा चुनाव से पहले कृषि ऋण माफी नहीं करेगी केंद्र सरकारः क्रेडिट सुइस

वैश्विक वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी क्रेडिट सुइस ने सोमवार को कहा कि कुछ मुख्य राज्यों में विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी आम चुनाव से पहले केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में किसी बड़े कर्जमाफी की घोषणा नहीं करने वाली है।

कंपनी ने कहा कि कृषि क्षेत्र की खराब स्थिति से 20 करोड़ श्रमिकों पर असर पड़ रहा है और मौजूदा आर्थिक नरमी के इस दौर में यह राजनीतिक उलट-पलट और नए नीतिगत प्रयोगों का कारण बन सकता है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की हार के बाद सरकार द्वारा उठाये जाने कदमों के बारे में कयास लगाये जा रहे हैं। कुछ खबरों की मानें तो अगले साल आम चुनाव से पहले कृषि ऋण माफी की घोषणा की जा सकती है।
कंपनी ने रिपोर्ट में कहा, ‘हम चुनाव से पहले किसी बड़े कृषि कर्ज माफी या वित्तीय प्रलोभन की उम्मीद नहीं करते हैं।' यह रिपोर्ट ऐसे समय में आयी है जब रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन समेत अर्थशास्त्रियों के एक समूह ने कुछ ही दिन पहले कृषि ऋण माफी से बचने की अपील की है।
चुनाव का बाजार की दिशा पर कोई प्रत्यक्ष असर नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, कृषि क्षेत्र की खराब स्थिति से उत्पन्न अनिश्चितताएं ऐसे समय सामने आ रही हैं जब आर्थिक वृद्धि सुस्त पड़ रही है और वित्त वर्ष 2019-20 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के पूर्वानुमान में कटौती की जा सकती है। कंपनी ने आसन्न चुनाव के बारे में कहा कि पिछले दो दशक में चुनाव का बाजार की दिशा पर कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ा है।
रिपोर्ट में उद्योग जगत के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ कॉरपोरेट बैंकों के भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की गयी है।
कंपनी ने वैश्विक गतिविधियों के बारे में कहा कि इनका घरेलू बाजार पर कम असर होता है क्योंकि एफपीआई कुल व्यापार में महज एक तिहाई हिस्सा रखते हैं और पिछले तीन साल से शुद्ध लिवाल नहीं रहे हैं।
Loading...
Share it
Top