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पढ़िए, कौन से धर्म के लोग हैं कितने पढ़े-लिखे

2011 की जनगणना के आकंड़ों से यह बात सामने आई है कि देश में ग्रेजुएशन करने वाले लोगों का औसत छह फीसदी हैं।

पढ़िए, कौन से धर्म के लोग हैं कितने पढ़े-लिखे
अहमदाबाद. भारत में शिक्षा के क्षेत्र में जैन समुदाय सबसे आगे और मुस्लिम समुदाय सबसे पीछे हैं। 2011 की जनगणना के आकंड़े बताते हैं कि बौद्ध समुदाय के करीब एक चौथाई यानि 25 फीसदी से ज्यादा लोग ग्रेजुएशन कर चुके हैं।
2011 की जनगणना के आकंड़ों से यह बात सामने आई है कि देश में ग्रेजुएशन करने वाले लोगों का औसत छह फीसदी हैं। तो वहीं मुस्लिम समुदाय का औसत इसके बिल्कुल आधा है। देश में मुस्लिम समुदाय शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा रहा है।
तकनीक शिक्षा के मामले में ईसाई समुदाय सबसे बताया गया है। ईसाई समुदाय के 2.2 फीसदी लोग डिप्लोमा होल्डर हैं, तो वहीं सिख समुदाय के केवल 0.8 लोगों के पास ही कोई डिप्लोमा है। हालांकि संतोषजनक बात यह है कि अब तक दूसरे समुदायों से पीछे रहें मुस्लिमों और बौद्धों में पढ़ने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
2001 के मुकाबले 2011 के बीच मुस्लिमों में ग्रेजुएट 60 फीसदी की तेजी से बढ़े हैं। हिंदुओं में यह संख्या 55 फीसदी रही है, तो वहीं सबसे ज्यादा तेजी नव बौद्धों में देखने को मिली है जिनमें 75 फीसदी की तेजी से ग्रेजुएट बढ़ रहे हैं। इनमें मुख्य तौर पर वह दलित हैं, जिन्होंने अंबेडकर के आह्वान पर जैन धर्म अपनाया था।
देश में ग्रेजुएट होने की दर 54 फीसदी है। तकनीकी शिक्षा के मामले में देश की शिक्षा दर 68 फीसदी रही है, मुस्लिमों में यह दर 85 फीसदी और बौद्धों में यह आश्चर्यजनक रूप से 130 फीसदी बताई गई है।
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