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CBI vs CBI : आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना मामले में मुख्य किरदार निभाने वाले मोइन कुरैशी कौन है, जानें

केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक आलोक कुमार वर्मा (Alok Verma) को छुट्टी पर भेजने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) फैसला सुनाते हुए केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और केंद्र सरकार (Central Govt) के फैसले को रद्द कर दिया है।

CBI vs CBI : आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना मामले में मुख्य किरदार निभाने वाले मोइन कुरैशी कौन है, जानें
केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक आलोक कुमार वर्मा (Alok Verma) को छुट्टी पर भेजने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) फैसला सुनाते हुए केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और केंद्र सरकार (Central Govt) के फैसले को रद्द कर दिया है। आज चीफ जस्टिस छुट्टी पर थे। लेकिन न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने फैसला रद्द करते हुए कहा कि वो अभी नीतिगत फैसलों से दूर रहेंगे।

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना विवाद

1979 बैच के आईपीएस ऑफिसर आलोक वर्मा और 1984 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस ऑफिसर राकेश अस्थाना के बीच मोइन कुरैशी को लेकर विवाद सामने आया है। जब खुद सीबीआई ने 15 अक्टूबर को अस्थाना के खिलाफ मोइन कुरैशी से 3 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में मामला दर्ज किया। इसके बाद राकेश अस्थाना ने कैबिनेट सचिव को आलोक वर्मा के खिलाफ आरोप लगाया कि उन्होंने कुरैशी केस में आरोपी सतीश साना से रिश्वत ली है। सतीश साना ने राकेश अस्थाना के खिलाफ शिकायत की थी। ऐसे में दोनों के बीच मामला खुलकर सामने आया।

कोर्ट में ये है मामला

दोनों अधिकारियों को सरकार द्वारा छुट्टी पर भेजे जाने के आदेश के खिलाफ सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने मामले में सीवीसी से जवाब दाखिल करने को कहा। इस मामले पर कोर्ट ने उनका राहत देते हुए सरकार और सीवीसी का फैसला पलट दिया। वहीं अब एम नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक की जिम्मेदारी के आदेश को भी कोर्ट ने रद्द कर दिया है।

दोनों के बीच एक ही आरोपी मोइन कुरैशी

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच एक ही मुख्य आरोपी है मीट कारोबारी मोइन कुरैशी। इसका पूरा नाम मोइन अख्तर कुरैशी है जो कि उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला है। कुरैशी ने रामपुर से एक छोटे से बूचड़खाने से कारोबार की शुरुआत की और कुछ ही सालों में एक बहुत अरबपति मीट कारोबारी बन गया। कुरैशी का देश ही नहीं विदेशों में भी कारोबार है। कुरैशी पर सीबीआई अफसरों को ही नहीं राजनेता और कई अधिकारियों को रिश्वत देने के भी आरोप लग चुके हैं।
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