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2G घोटाला: CBI की नाकामयाबी की वजह से देश को लगा 1 लाख 76 हजार करोड़ का चूना, जानिए पूरा मामला

2जी घोटाले पर सुनवाई करते हुए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने हैरान करने वाला फैसला है। स्पेशल कोर्ट ने कनिमोझी और ए.राजा सहित 24 लोगों को बरी कर दिया है।

2G घोटाला: CBI की नाकामयाबी की वजह से देश को लगा 1 लाख 76 हजार करोड़ का चूना, जानिए पूरा मामला

2जी घोटाले पर सुनवाई करते हुए सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने हैरान करने वाला फैसला है। स्पेशल कोर्ट ने कनिमोझी और ए.राजा सहित 24 लोगों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने तीन मामलों की सुनवाई की है, जिसमें दो सीबीआई और एक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का है।

खबरों के मुताबिक, सीबीआई कोर्ट के आगे आरोप सिद्ध करने के लिए पुख्ता सबूत नहीं दे पाई, जिसकी वजह से कनिमोझी और ए.राजा सहित सभी आरोपियो को बरी किया गया है। ए राजा और कनिमोझी के समर्थकों से कोर्ट परिसर भरा हुआ है और लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
अक्टूबर 2011 में कोर्ट ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम से लेकर आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी, फर्जीवाडा, फर्जी कागजात बनाने, पद का दुरुपयोग, सरकारी दुराचरण आदि के आरोप तय किए थे। अप्रैल 2011 में दाखिल चार्जशीट में सीबीआई ने कहा था कि '2जी स्पेक्ट्रम से जुड़े 122 लाइसेंस गलत तरीके से आवंटित किए गए, जिससे सरकारी खजाने को 30,984 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा।' सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2012 में सभी लाइसेंस रद्द कर दिए थे।
154 गवाहों ने दिए बयान
कोर्ट ने सीबीआई की ओर से 154 गवाहों के बयान दर्ज किए, जिनमें अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी और नीरा राडिया शामिल हैं। ये करीब 4400 पेज के हैं। इन मामलों में छह महीने से लेकर उम्रकैद की सजा तक का प्रावधान है।
सीबीआई के दूसरे मामले में एस्सार ग्रुप के प्रमोटर रवि रुइया व अंशुमान रुइया, लूप टेलीकॉम के प्रमोटर किरण खेतान व उनके पति आईपी खेतान और एस्सार ग्रुप के निदेशक विकास श्राफ शामिल हैं। चार्जशीट में लूप टेलीकॉम लिमिटेड, लूप इंडिया मोबाइल लिमिटेड और एस्सार टेली होल्डिंग लिमिटेड कंपनियां भी आरोपी हैं।
ईडी ने भी दायर की थी चार्जशीट
तीसरे मामले में ईडी ने अप्रैल 2014 में ए राजा, कनिमोई, शाहिद बलवा, आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल, विनोद गोयनका, करीम मोरानी और शरद कुमार समेत 19 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
इसमें ईडी ने डीएमके चीफ करूणानिधि की पत्नी दयालु अम्मल को भी नामजद किया था। आरोप था कि स्वान टेलीकॉम से 200 करोड़ रुपये डीएमक के कलाईगनार टीवी को दिए गए। ईडी ने इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट ( PMLA) के प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया था।
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