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फिर से होगी कैश की किल्लत, इस बार ये है वजह

अगले साल मार्च तक देश के 50 फीसदी एटीएम बंद किए जा सकते हैं। कॉन्फिडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) का कहना है कि आने वाले चार पांच महीनों में देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद किए जा सकते हैं।

फिर से होगी कैश की किल्लत, इस बार ये है वजह

अगले साल मार्च तक देश के 50 फीसदी एटीएम बंद किए जा सकते हैं। कॉन्फिडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) का कहना है कि आने वाले चार पांच महीनों में देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद किए जा सकते हैं।

CATMi के मुताबिक देश में कुल 2.38 लाख एटीएम हैं। इसमें से 1.15 लाख एटीएम बंद किए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि एटीएम बंद होने से हजारो लोगों का रोजगार प्रभावित होगा। बंद किए जाने वाले 1.15 लाख एटीएम में 1 लाख ऑफ साइट एटीएम और 15 हजार व्हाइट लेबल एटीएम शामिल हैं।

एटीएम की संस्था के मुताबिक हाल ही में एटीएम के हार्ड वेयर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने को लेकर जो नियम आए हैं वो काफी महंगे हैं। जिनसे एटीएम चलाना मुश्किल हो जाएगा। CATMi के मुताबिक सिर्फ नई कैश लॉजिस्टिक और कैसेट स्वैप मेथड के बदलाव में ही करीब 3000 करोड़ रूपये लगेंगे।

CATMi का कहना है कि ब्राउन लेबल और व्हाइट लेबल ATM कंपनियां पहले ही नोटबंदी के दौरान हुए घाटे से बाहर नहीं आ पा रही हैं। व्हाइट लेबल कंपनियां वो कंपनियां हैं जिसे बैंक के बजाय किसी अन्य संस्था ने स्थापित किया होता है।
ऐसे में अगर बैंक बोझ नहीं उठाते तो एटीएम चलाने का खर्च बढ़ जाएगा और एटीएम को बंद करना पड़ेगा। एटीएम इंडस्ट्री ने जब बैंक से करार किया था तब उन्हें इस खर्च का अंदाजा नहीं था। नए नियमों के कारण करीब 15 हजार एटीएम कारोबार से बाहर हो जाएंगे।
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