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जानिए सैनिक से कैसे राजनीति के ''कैप्टन'' बने ''अभिमन्यु''

हरियाणा में भाजपा के विश्वास पात्र और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु (captain abhimanyu) का आज जन्मदिन है। कैप्टन अभिमन्यु ने आज अपने जीवन के 51 बसंत पूरे कर लिए हैं। कैप्टन अभिमन्यु का पूरा नाम अभिमन्यु सिंह सिन्धु है।

जानिए सैनिक से कैसे राजनीति के
हरियाणा में भाजपा के विश्वास पात्र और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु (Captain Abhimanyu) का आज जन्मदिन है। कैप्टन अभिमन्यु ने आज अपने जीवन के 51 बसंत पूरे कर लिए हैं। कैप्टन अभिमन्यु का पूरा नाम अभिमन्यु सिंह सिन्धु है। कैप्टन अभिमन्यु हरियाणा सरकार में वित्त, राजस्व, आबकारी और कराधान समेत 8 महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं। कैप्टन अभिमन्यु भाजपा में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी काम कर चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं। कैप्टन भाजपा के बहुत पुराने नेताओं में हैं।
ऐसे में जब हरियाणा में पहली बार भाजपा की सरकार बनी तब उन्हें मंत्री पद दिया गया। लेकिन कैप्टन अभिमन्यु का सफर जितना आसान दिखता है उतना आसान था नहीं। आइए जानते हैं उनके बारे में सबकुछ।

कैप्टन अभिमन्यु का जन्म

कैप्टन अभिमन्यु का जन्म हिसार जिले के खाडा खेड़ी गांव में 18 दिसंबर 1987 को श्रीमती परमेश्वरी देवी और श्री मित्रसेन आर्य के घर में हुआ था। कैप्टन अभिमन्यु हरियाणा की मिट्टी से जुड़ाव रखने वाले नेता माने जाते हैं । इनके पूर्वज स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं।
सनातन परंपरा में कैप्टन अभिन्यु का अटूट विश्वास है। कैप्टन अभिमन्यु ने 6 सालों तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी हैं। उसके बाद 1994 में पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा को क्वालीफाई करके अपने आप को जनता की सेवा में लगा दिया। सन् 2003 में उन्होंने पूर्ण रूप से राजनीति में आने का निश्चय किया और भाजपा ज्वाइन कर ली।

राजनीति के कैप्टन

कैप्टन अभिमन्यु एक ऐसे नेता के रूप में जाने जाते हैं। जो हमेशा बड़े बुजु्र्गों का सम्मान करते हैं और मीठी बोली बोलते हैं। इनके अब तक के जीवन में कई पड़ाव आए हैं। सेना से व्यापार, सामाजिक गतिविधियों से एक पत्रकार के रूप में मीडिया, खेल-कूद प्रशासन से एक शिक्षाविद् और अब पूर्णकालिक राजनीतिक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में 30 वर्ष से ज्यादा अधिक का कार्य अनुभव रखते हैं।

वह शायद गिने-चुने लोगों में से होंगे जिन्होंने सिविल सेवा में सेलेक्ट होने के बाद नौकरी न करने का निश्चय लिया। जीवन में इस तरह के निर्णयों से पता चल पाता है कि व्यक्ति कितना साहसी, गंभीर और अटल निर्णय वाला है।

सैनिक हमेशा सैनिक होता है

कैप्टन अभिमन्यु ने 1987 में थल सेना ज्वाइन किया। कमीशंड ऑफिसर के रूप में 7 मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री रेजीमेंट में सेवा करने के लिये 05 मार्च 1988 को सैकेंड लेफ्टीनेंट के रूप में पास आउट हुए। उन्होंने सेना के सेवाकाल (1987-1993) के दौरान यंग ऑफिसर्स कोर्स (इन्फेंट्री), मैकेनिकल इन्फेंट्री कोर्स, गन्स एंड मिसाइल्स कोर्स और एलीट कमांडो कोर्स किए।

1989 में उन्हें स्पेशल सर्विस मेडल प्रदान किया गया। सैनिक जीवन ने इनके व्यक्तित्व में अनुशासन की नींव को मजबूत किया और देश की सेवा के लिए भावनात्मक रूप से काम किया। देश सेवा के उनके जज्बे के कारण लोग कहते हैं कि सैनिक हमेशा सैनिक होता है। अपने देश के लिए लड़ने वाला।

कैप्टन अभिमन्यु का परिवार

कैप्टन अभिमन्यु भारतीय परंपराओं के प्रेमी हैं। वह परिवार को एक करके चलने में विश्वास रखते हैं। कैप्टन अभिमन्यु छह भाइयों के संयुक्त परिवार में रहते हैं। कैप्टन अभिमन्यु की तीन बहनें हैं। कैप्टन अभिमन्यु की पत्नी का नाम डॉ एकता सिंधु (Ekta Sindhu) है। कैप्टन अभिमन्यु और एकता सिंधू की एक बेटी और दो बेटे हैं।

कैप्टन अभिमन्यु की शिक्षा

  • सन् 1986 में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी कॉलेज, रोहतक से वाणिज्य स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
  • सन् 2006 में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से LLB के साथ लॉ ग्रेजुएट क्वालीफाई किया।
  • सन् 2007 में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया।
  • सन् 2015 विश्व के प्रतिष्ठित हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से तीन वर्षीय एग्जीक्यूटिव मैनेजमेंट प्रोग्राम किया।
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