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गुजरात का यह शख्स पढ़ाएगा शहीदों के बच्चों को, भरेगा पूरी फीस

टीवी पर एक जवान की बेटी को रोते देख सूरत के मशहूर बिजनसमैन का दिल दर्द से भर उठा।

गुजरात का यह शख्स पढ़ाएगा शहीदों के बच्चों को, भरेगा पूरी फीस
सूरत. उरी हमले में शहीद हुए जवानों की घटना से पूरा देश आक्रोशित है। हर ओर से इसका बदला लेने की मांग उठ रही है। शहीदों को जगह-जगह श्रद्धांजलि दिए जाने का सिलसिला जारी है। वहीं, शहीद जवानों के बच्चों ने जिस तरह से साहस भरे बयान दिए, उससे सूरत के मशहूर बिजनेसमैन महेश सवाणी का दिल पसीज गया। गुजरात के एक बिजनसमेन ने शहीदों के बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने का ऐलान किया है।
ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई का सारा खर्च उठाने का फैसला
पीपी सवाणी ग्रुप के महेश सवाणी ने उरी हमले में शहीद हुए जांबाजों के बच्चों की ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई का सारा खर्च उठाने का फैसला किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने शहीदों के बेटियों की शादी का भी पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है।
टीवी पर एक जवान की बेटी को रोते देख दिल दर्द से भर उठा
सवाणी कहते हैं कि टीवी पर एक जवान की बेटी को रोते देख उनका दिल दर्द से भर उठा। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'मैंने एक शहीद की बेटी के बारे में अखबार में पढ़ा और टीवी पर उसे सुना। हमने फैसला किया कि हम सभी 18 शहीदों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे।'
बेटियों की शादी का सारा खर्च वहन
सवाणी ने आगे कहा, 'इसके अलावा, हम शहीदों की बेटियों की शादी का भी सारा खर्च वहन करेंगे। हमने सरकार से अनुरोध किया है कि हमें शहीदों के परिवारों का विवरण और उनके पते उपलब्ध कराए जाए। इसके बाद हमारे ग्रुप की एक पांच सदस्यीय टीम शहीदों के घर जाएगी।'
मेरी कोई बेटी नहीं
महेश सवाणी का कहना है कि मेरी कोई बेटी नहीं है, इसलिए बेटियों की कमी और उनके दर्द को समझता हूं। मैंने जब उन बच्चों के बयानों को सुना कि वे भी पिता की राह पर चलकर देश सेवा करना चाहते हैं, तब मैंने यह निर्णय ले लिया।
यह पहली बार नहीं
यह पहली बार नहीं है जब 47 वर्षीय सवानी ने अनुकरणीय कार्य किया है। सवानी 472 बेटियों के पिता है। दरअसल जिन लड़कियों के पिता इस दुनिया में नहीं, सेवानी ने उनकी पिता के रूप नें जिम्मेदारियां उठाई और उनकी शादी कराई। उन्होंने ऐसी लड़कियों की न केवल शादी करवाई बल्कि उनकी मदद भी की। तब से वह हर साल शादियों का आयोजन करते हैं।
गौरतलब है कि रविवार 18 सितंबर को सुबह करीब पांच बजे के आस-पास पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों ने उरी के आर्मी हेडक्वाटर में हमला किया था। आतंकियों ने प्रशासनिक भवन में आग लगा दी थी। इसकी वजह से वहां सो रहे करीब 18 सैनिकों की जलने से मृत्यु हो गई और करीब 20 जवान झुलस गए थे। इस मुठभेड़ में 4 आतंकी भी मारे गए थे। आतंकियों के पास से पाकिस्तान में बने हथियार, गोला-बारूद, दवाएं और अन्य सामान बरामद हुए।

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