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मोदी सरकार बलूच नेता बुगती को दे सकती है भारतीय नागरिकता

मोदी सरकार का यह फैसला पाकिस्तान की नींद उड़ा सकता है।

मोदी सरकार बलूच नेता बुगती को दे सकती है भारतीय नागरिकता
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नईदिल्ली. भारत एवं पाकिस्‍तान के बीच कश्मीर और बलूचिस्तान को लेकर तनातनी चल रही है। इसी बीच पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज ने एक रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है कि स्विट्जरलैंड में बसे निर्वासि‍त बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती को भारत नागरिकता दे सकता है। मोदी सरकार का यह फैसला पाक की नींद उड़ा सकता है।
शेर मुहम्‍मद बुगती एवं अजीजुल्‍लाह बुगती को भी मिल सकती है शरण
पाक मीडिया ने रिपोर्ट में कहा है कि इस मामले में बलूच नेता की बातचीत भारतीय अधिकारियों से हो चुकी। जल्द ही भारत ब्रह्मदाग बुगती के अलावा उनके मुख्‍य लेफ्टीनेंट शेर मुहम्‍मद बुगती एवं अजीजुल्‍लाह बुगती को भी नागरिकता दे सकता है।गौरतलब है कि ब्रह्मदाग बुगती बलूच रिपब्लिकन पार्टी के संस्‍थापक हैं, जिसे पाकिस्‍तान ने गैरकानूनी घोषित कर रखा है। इसलिए बलूच नेता ब्रह्मदह बुगती ने भारत में शरण लेने को सोचा है।
दलाई लामा का किया जिक्र
बुगती ने दलाई लामा का जिक्र करते हुए कहा है कि जिस तरह वे भारत में शरण लेकर पूरी दुनिया में चीन के अत्याचार के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं उसी तरह उसका भी यही इरादा है कि बलूचिस्तान पर पाक के बढ़ते अत्याचारों का जिक्र वह हर जगह करें। बलूच पार्टी के सूत्र ने कहा कि हम अपने ऊपर पाकिस्तानी अत्याचारों को पूरी दुनिया को बताएंगे।
हम भारत के पीएम मोदी का शुक्रिया करते हैं जिन्होंने बलूचिस्तान का मुद्दा उठाकर हम पर हो रहे अत्याचारों को पूरी दुनिया को बताया। हम कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। हमें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि मोदी को हमारे समर्थन एवं उनकी तरफ से हमें सपॉर्ट को लेकर विरोधी क्या सोचते हैं।
बुगती ने पाक पर आरोप लगाया
ब्रह्मदाग बुगती ने पाक पर आरोप लगाया था कि पाकिस्तान स्विट्जरलैंड पर उन्हें नागरिकता न देने को लेकर दबाव डाल रहा है। वह अपने दादा अकबर बुगती की हत्या के बाद वह 2006 में पाकिस्तान से भाग गए थे। अफगानिस्तान में 4 साल तक राजकीय अतिथि के तौर पर रहने के बाद 2010 में वह स्विट्जरलैंड चले गए थे। तब से लेकर अब तक वह अपने परिवार के साथ यहां राजनीतिक शरणार्थी के तौर पर रह रहे हैं।
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