Breaking News
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान के साथ शर्तें रखते हुए युद्धविराम की घोषणा, तालिबान का अभी तक कोई रिस्पांस नहींमौसम विभाग अलर्ट: अगले तीन घंटों में यूपी के 11 जिलों बारिश की संभावनापाक आर्मी को गले लगाने पर सिद्धू की मुश्किल बढ़ीदिल्ली समेत एनसीआर में मौसम हुआ सुहाना, कई इलाकों में झमाझम बारिशअंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की कमर टूटी, लंदन पुलिस को मिली बड़ी कामयाबीरेड अलर्ट : केरल में बाढ़ से अबतक 357 लोगों की मौत, NDRF का अब तक का सबसे बड़ा अभियान जारीअटल बिहारी वाजपेयीः अस्थियों को समेटनें पहुंची बेटी, हरिद्वार विसर्जित होंगी अटल जी की अस्थियांआज हरिद्वार में होगा अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थि विसर्जन, पीएम और शाह भी रहेंगे मौजूद
Top

अयोध्या विवादः हिंदू और मुस्लिम के बाद अब विवादित भूमि पर इस समुदाय ने ठोका अपना दावा, SC में दी याचिका

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Mar 14 2018 12:01PM IST
अयोध्या विवादः हिंदू और मुस्लिम के बाद अब विवादित भूमि पर इस समुदाय ने ठोका अपना दावा, SC में दी याचिका
अयोध्या में विवादित भूमि को लेकर हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। विवादित भूमि पर दोनों समुदाय के पक्षकर अपना-अपना दावा पेश रहे हैं। अब इस दावेदारी में हिन्दुओं और मुस्लिमों के अलावा बौद्ध समुदाय ने भी अपना दावा ठोक दिया है।
 
इस दावे की पुष्टि बौद्ध समुदाय के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद हुई हैं। याचिका में कहा गया है कि अयोध्या की विवादित भूमि पर बौद्ध समुदाय का हक है। 
 
 
आपको बता दे कि आज से अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई होनी है। जिसको लेकर बड़ा फैसला आने की उम्मीद है।
 
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच आज दो बजे से इस पर सुनवाई करने जा रही है।  इस मामले में सभी कागजी कार्यवाही और अनुवाद का काम पूरा हो चुका है। 8 मार्च को सभी पक्षों ने इस बात की जानकारी ली गई थी।

बौद्ध समुदाय की दलील 

अयोध्या के ही रहने वाले बौद्ध विनीत ने 6 मार्च 2018 बौद्ध समुदाय की तरफ से सुप्रीस कोर्ट में याचिका दायर की है। बौद्ध विनीत अपनी याचिका में कहा है कि वह बौद्ध समुदाय के सदस्य हैं।
 
ओर वह अयोध्या में बौद्ध धर्म के अनुसार जीवन यापन कर रहे हैं। बौद्ध धर्म के लोगों के साथ न्याय हो, इसलिए उन्होंने याचिका दायर की है। उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से जरूर इंसाफ मिलेगा। 
 
 
बौद्ध विनीत ने दायर याचिका में दावा किया है कि बाबरी मस्जिद बनाए जाने से पहले वहां बौद्ध समुदाय का स्मारक था। बौद्ध समुदाय ने दलील दी है कि भारतीय पुरातत्व विभाग ने विवादित भूमि पर चार बार खुदाई करवाई है।
 
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद 2002-2003 में वहां अंतिम बार खुदाई हुई थी। भारतीय पुरातत्व विभाग ने उस जगह पर खुदाई में बौद्ध धर्म से जुड़े स्तूप, दीवारें और खंभे भी पाए थे। उनका दावा है कि विवादित भूमि पर बौद्ध विहार था।  

यहां से उठा विवाद 

भारतीय पुरातत्व सर्वे ने 2003 में कहा था कि विवादित स्थल के नीच एक गोलाकार पूजास्थल पाया गया, जिसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इससे जुड़े सबूत जुटाने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि विवादित स्थल के कसौटी स्तंभ वाराणसी में मौजूद बौद्ध स्तंभों के समान हैं। 

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
budhist community claim ayodhya disputed land belong to them

-Tags:#Supreme Court#Ayodhya#Buddhist Community#ASI#Allahabad High Court#
mansoon
mansoon

ADS

ADS

मुख्य खबरें

ADS

ADS

ADS

ADS

Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo