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बजट 2018: बाजार में कोहराम, निवेशकों के 4.5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

निवेशकों की भारी बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक 840 अंक टूट गया।

बजट 2018: बाजार में कोहराम, निवेशकों के 4.5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

बजट में शेयरों के पूंजीगत लाभ पर कर लगाने का प्रस्ताव बाजार पर भारी दिखा। निवेशकों की भारी बिकवाली से बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक 840 अंक टूट गया। पिछले दो साल से ज्यादा समय में बाजार में एक दिन की यह सबसे बड़ी गिरावट है। शेयर मूल्यों में आई इस गिरावट से निवेशकों को बाजार पूंजीकरण के लिहाज से 4.5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया।

बंबई शेयर बाजार का संवंदी सूचकांक 839.91 अंक यानी 2.34 प्रतिशत टूटकर 35,066.75 अंक पर बंद हुआ। घबराए निवेशकों ने अपनी होल्डिंग की बिकवाली की। 24 अगस्त 2015 के बाद बाजार में यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का व्यापक आधार वाला निफ्टी भी 256.30 अंक यानी 2.33 प्रतिशत गिरकर 10,800 अंक से नीचे फिसलता हुआ 10,760.60 अंक पर बंद हुआ।

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वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा लोकसभा में पेश 2018- 19 के बजट में शेयरों पर 10 प्रतिशत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर लगा दिया गया। इसके साथ ही इक्विटी केन्द्रित म्यूचुअल कोषों की वितरित आय पर भी 10 प्रतिशत कर लगा दिया गया। इसका बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ा है। बजट में राजकोषीय घाटा बढ़ने से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 3.2 प्रतिशत के बजट अनुमान के बजाय बढ़कर 3.5 प्रतिशत पर पहुंच जाने का संशोधित अनुमान सामने आया है। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में इस सप्ताह 983.69 अंक यानी 2.72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। निफ्टी में भी सप्ताह के दौरान 309.05 अंक यानी 2.79 प्रतिशत गिरावट आई है। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में बजाज आटो में सर्वाधिक 4.90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

भारतीय एयरटेल में 4.62 प्रतिशत की गिरावट रही। नुकसान दर्ज करने वाले अन्य शेयरों में एक्सिस बैंक, मारुति सुजूकी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, हीरो मोटोकार्प, कोटक बैंक, लार्सन एण्ड टुब्रो, स्टेटबैंक, टाटा मोटर्स, यस बैंक, अदाणी पोट्रस, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 4.28 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

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वैश्विक बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा। जापान का निक्केई सूचकांक 0.90 प्रतिशत की गिरावट में रहा जबकि हांग कांग का हेंग सेंग सूचकांक 0.12 प्रतिशत गिर गया। शंघाई का कंपोजिट इंडेक्स हालांकि 0.44 प्रतिशत बढ़ गया।

7वीं सबसे बड़ी गिरावट

पिछले 10 वर्षों में सेंसेक्स में यह 7वीं सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन में सेंसेक्स में सबसे बड़ी 24 अगस्त 2015 को हुई थी। इस दिन सेंसेक्स 1624.51 अंक टूटकर बंद हुआ था। 24 अक्टूबर 2018 सेंसेक्स में 1070.63, 17 मार्च 2008 को 951.03, 3 मार्च 2008 को 900.84, 6 जुलाई 2009 को 869.65, 6 फरवरी 2015 को 854.86, 02 जनवरी 2018 को 839.91 11 फरवरी 2008 को 833.98, 11 फरवरी 2016 को 807.07 और 10 अक्टूबर 2008 को 800.51 अंक टूटा था।

क्यों आई गिरावट

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को बजट 2018-19 में शेयर से होने वाली कमाई पर लॉन्ग्‍ा टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाने का एेलान किया है। इससे इन्वेस्टर्स का सेंटीमेंट बिगड़ा है। इसमें एक साल से ज्यादा रखे गए शेयरों पर अगर 1 लाख से ज्यादा इनकम होती है, तो निवेशकों को 10फीसदी टैक्स देना होगा। बजट में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स को हटाने का भी एेलान नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि निवेशकों को दोनों तरह के टैक्स देने होंगे।

अब आगे क्या

मॉर्गन स्टैनली इंडिया के एमडी रिधम देसाई के मुताबिक अगले 3-4 महीनों तक बाजार में इसी तरह उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। अब यह अनुमान लगाना है कि अमेरिकी बाजार किधर जा रहे हैं। मैराथन ट्रेंड्स के सीईओ अतुल सूरी कहते हैं कि वास्तव में करेक्शन पहले से ही चल रहा है जो हमें इंडेक्स नहीं दिखा रहा है, लेकिन यह करेक्शन हमें बाजार में निवेश के काफी अच्छे मौके भी दे रहा है।

जेटली ने किया बचाव

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मध्यम वर्ग को आम बजट में कोई बड़ी राहत नहीं दिए जाने का बचाव करते हुए कहा कि सरकार पहले के बजटों में इस वर्ग के लिए अनेक कदम उठा चुकी है। भारत के लिए एक गंभीर चुनौती कर आधार बढ़ाने की है। इस लिहाज से अगर आप मेरे पिछले 4- 5 बजटों को देखेंगे तो, मैंने व्यवस्थित तरीके से छोटे करदाताओं को लगभग हर बजट में राहत प्रदान की।

फिच ने दी चेतावनी

अमेरिकी रेटिंग एजेंसी फिच ने चेतावनी दी है कि सरकार पर कर्ज के बोझ के कारण उसकी रेटिंग में सुधार नहीं हो रहा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा गुरुवार को पेश किए गए आम बजट में राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 3.2 फीसदी से बढ़ाकर 3.5 फीसदी किए जाने का जिक्र करते हुए एजेंसी ने कहा है कि इसे तीन फीसदी पर रखने का लक्ष्य था, जो अब 2020-21 तक हासिल किया जाएगा।

जीडीपी पर 68 फीसदी कर्ज

फिच रेटिंग्स के निदेशक थॉमस रूकमाकर के अनुसार भारत सरकार पर जीडीपी का 68 फीसदी कर्ज चढ़ा हुआ है। अगर राज्यों के राजकोषीय घाटे को शामिल कर लिया जाए तो समेकित घाटा 6.5 फीसदी हो जाएगा, जो अत्यंत उच्च स्तर है।

बड़े उद्योगों को मायूसी

कंपनी कर में राहत को 250 करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाली सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उद्यमों तक सीमित रखने को लेकर कंपनियों ने असंतोष जताया है। गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज ने कहा, हालांकि 99 प्रतिशत एमएसएमई करों का भुगतान करते हैं, लेकिन वह जो कर देते हैं वह देश में दिए जाने कुल कंपनी कर का मात्र एक प्रतिशत ही होता है।

शापर्स स्टॉप लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और ग्राहक देखरेख विभाग के एसोसियेट गोविंद श्रीखंडे ने कहा, हम कारोबारी बड़ी कंपनियों के लिए कार्पोरेट कर में कमी आने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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