Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

मोदी सरकार ने बदली बजट पेश करने की परंपरा, जानिए इसकी खास बातें

बजट अब से सुबह 11 बजे पेश किया जाता है लेकिन कई सालों तक बजट शाम को 5 बजे पेश किया जाता था।

मोदी सरकार ने बदली बजट पेश करने की परंपरा, जानिए इसकी खास बातें

आम बजट पेश करने की तैयारी में केंद्र सरकार जुटी हुई है। आम आदमी की उम्मीदें बजट से जुड़ी होती हैं। देश में हर वर्ग का इंसान बजट की ओर उम्मीदों से देखता है। आइए आपको बजट के इतिहास के बारे में कुछ बातें बताते हैं।

कभी शाम को पेश होता था बजट
बजट अब से सुबह 11 बजे पेश किया जाता है लेकिन कई सालों तक बजट शाम को 5 बजे पेश किया जाता था। शाम को बजट पेश करने की इस परंपरा को यश्वंत सिन्हा ने 2001 में बदला। वो उस समय वित्त मंत्री थे । बजट शाम को पेश करने की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही थी।
5 बजे बजट पेश होने की वजह ब्रिटेन का बजट था। जब भारत पर अंग्रेजों का राज था तब ब्रिटेन का बजट सुबह 11 बजे पेश होता थे। इसमें भारत के लिए बजट आवंटन भी शामिल होता था, भारत में इसी समय बजट पेश किया जाना जरूरी था।
जब ब्रिटेन में 11 बजते थे तब भारत में 5 बजते थे और इस वजह से बजट को शाम 5 बजे पेश किया जाता था।
स्वतंत्र भारत का पहला बजट तत्कालन वित्त मंत्री शणमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर, 1947 में पेश किया था।
सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरार जी देसाई के नाम पर है। उन्होंने कुल 10 बजट पेश किए हैं।
बता दें कि पिछली 7 जुलाई को सरकार ने देश भर में जीएसटी लागू की थी और टैक्स रिफॉर्म के बाद ये भारत का पहला बजट है।
2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले यह बजट पेश हो रहा है। इसका मतलब ये मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा।

मोदी सरकार ने बदली परंपरा
मोदी सरकार ने रेल बजट को अलग से पेश करे की परंपरा को 2017 में बदल दिया था और अब इसे भी आम बजट के साथ पेश किया जाता है।
भारत का सबसे पहला बजट जेम्स विलसन ने पेश किया था। इन्हें ब्रिटिश की रानी ने चुना था।
गौरतलब है कि 1 फरवरी 2018 को वित्त मंत्री अरुण जेटली लगातार 5वीं बार बजट पेश करेंगे।
Share it
Top