Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

शिक्षा बजट 2018ः आदिवासी बच्चों को मिली ''एकलव्य'' स्कूल की सौगात

सरकार बच्चों को डिजिटल शिक्षा देने में बढ़ोत्तरी करेगी। अरुण जेटली ने कहा कि टेक्नोलॉजी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने का सबसे बड़ा हथियार सिद्ध होगा।

शिक्षा बजट 2018ः आदिवासी बच्चों को मिली

वित्त मंत्री अरुण जेटली आज बजट पेश कर रहे हैं। इस बजट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। इस बजट में देश के भविष्य यानि की बच्चों की शिक्षा पर लगभग 96 हजार करोड़ का खर्च किया गया है।

सरकार बच्चों को डिजिटल शिक्षा देने में बढ़ोत्तरी करेगी। अरुण जेटली ने कहा कि टेक्नोलॉजी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने का सबसे बड़ा हथियार सिद्ध होगा। अरुण जेटली ने एजुकेशन बजट में कहा कि स्कूल-कॉलेजों में ब्लैकबोर्ड से डिजीटल बोर्ड की तरफ बढ़ेंगे। देश में 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

इस बजट में आदिवासी बच्चों की शिक्षा पर सरकार ने जोर दिया है। सरकार ने 20 लाख बच्चों को स्कूल भेजने का लक्ष्य रखा है। 2022 तक, 50% से अधिक जनसंख्या वाले जनसंख्या और कम से कम 20,000 जनजातीय लोगों के साथ प्रत्येक ब्लॉक में नवोदय विदयालय की तरह 'एकलव्य' स्कूल खोले जाएंगे।

बजट पेश करते हुए जेटली ने कहा कि शिक्षकों के लिए बीएड प्रोग्राम को नया कलेवर देंगे। केंद्र सरकार दो प्लानिंग और आर्किटेक्चर के स्कूल खोलेगी। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री रिसर्च फेलो स्कीम की शुरुआत करेगी सरकार।

शिक्षा से जुड़े अन्य बड़े फैसले

  • 13 लाख से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेनिंग दिए जाने का लक्ष्य है।
  • इस लक्ष्य की राह में तकनीकी डिजिटल पोर्टल 'दीक्षा' से मदद मिलेगी
  • नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल खुलेंगे।
  • इंस्टिट्यूट्स ऑफ एमिनेंस स्थापित करने की योजना।
  • वडोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी स्थापित करने का प्रस्ताव।
  • आईआईटी और एनआईटी में 16 नए प्लानिंग ऐंड आर्किटेक्चर स्कूल ऑटोनोमस मोड में स्थापित होंगे।
  • नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम के तहत कई काम किए जा रहे हैं।
  • शिक्षकों का भी स्तर सुधारना।
  • डिजिटल इंटेसिटीसिटी को बढ़ावा दिया जाएगा। एकीकृत बीएड कार्यक्रम भी होगा शुरू।

इससे पहले डिजिटल शिक्षा के लिए सालाना बजट करीब 800-1000 करोड़ के बीच होता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शिक्षा के लिए तीन चरणों में बजट प्रदान किया जाता है। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सर्व शिक्षा अभियान जिसमें आठवीं तक की शिक्षा शामिल है।

आठवीं से ऊपर की स्कूली कक्षाओं के लिए माध्यमिक शिक्षा अभियान तथा कॉलेज शिक्षा के लिए उच्चतर शिक्षा अभियान। पिछले साल इन मदों में क्रमश 23500 करोड़, 3830 तथा 1300 करोड़ का बजट दिया गया था। पिछले साल शिक्षा का कुल बजट 80 हजार करोड़ रुपये था।

मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी बड़ी योजनाओं में करीब बीस फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को दिया है। हालांकि पिछले साल महज दस फीसदी और उससे पहले महज पांच फीसदी बढ़ोत्तरी हुई थी।

Next Story
Hari bhoomi
Share it
Top