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जलियांवाला बाग: लंदन के पहले मुस्लिम मेयर ने कहा- माफी मांगे ब्रिटिश सरकार

सादिक खान ने विजिटर्स बुक में लिखा यहां जो त्रासदी हुई उसे भुलाया नहीं जा सकता

जलियांवाला बाग: लंदन के पहले मुस्लिम मेयर ने कहा- माफी मांगे ब्रिटिश सरकार

लंदन के मेयर सादिक खान ने अपने अमृतसर दौरे पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वक्त आ गया है कि ब्रिटिश सरकार जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए माफी मांगे।

पाकिस्तानी मूल के खान भारत और पाकिस्तान के तीन-तीन शहरों की आधिकारिक यात्रा के तहत अमृतसर दौरे पर आए थे। उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विजिटर्स बुक में लिखा कि अब वक्त आ गया है कि ब्रिटिश सरकार सन् 1919 में हुए जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए माफी मांगे।

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सादिक खान ने बताया कि उनके लिए जलियांवाला आना एक अद्भुत अनुभव रहा है। उन्होंने लिखा जलियांवाला बाग आने का अनुभव अद्भुत है और यहां जो त्रासदी हुई थी उसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।' सादिक खान 'शहीदों का कुआं' देखने भी गए।

हरिमंदिर साहिब में माथा टेका

वह पहले मुस्लिम मेयर हैं जो श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए। माथा टेकने के बाद उन्होंने लंगर छका और लंगर पकाने की सेवा भी निभाई। एसजीपीसी ने उन्हें श्री हरिमंदर साहिब का मॉडल, सिरोपा और धार्मिक किताबें भेंट कर सम्मानित किया।

इससे पहले वह अमृतसर में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर द्वारा रखे गए डिनर में भी शामिल हुए थे। सादिक खान बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के जरिए पाकिस्तान के लाहौर के लिए रवाना हो गए।

सादिक खान इससे पहले दिल्ली भी कई जगह गए थे और वहां अक्षरधाम मंदिर गए और महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल के छात्रों से मिले थे।

2013 में डेविड कैमरन ने भी की थी निंदा

2013 में जलियांवाला बाग आए तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने भी इस घटना की निंदा की थी। उन्होंने इसे ब्रिटिश इतिहास के लिए ‘सबसे शर्मनाक घटना’ तक करार दिया था।

जालियावाल बाग स्वर्ण मंदिर के पास एक छोटा सा बगीचा है। यह नरसंहार 13 अप्रैल 1919 को तब हुआ था जब ब्रिगेडियर जनरल डायर ने निहत्थे लोगों से भरे मैदान पर ब्रिटश सेना को गोलियां चलाने का हुक्म दे दिया था।

इस नरसंहार में काफी लोग मारे गए थे। यदि किसी एक घटना ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर सबसे अधिक प्रभाव डाला था तो वह घटना यह जघन्य हत्याकाण्ड ही था।

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