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नर्व एजेंट मामला: ब्रिटेन ने नर्व एजेंट हमले को लेकर दो रूसी नागरिकों पर दर्ज किया केस

ब्रिटिश अभियोजकों ने पूर्व जासूस सर्गेइ स्क्रिपाल और उनकी बेटी को जानलेवा नर्व एजेंट जहर देकर मारने की कोशिश करने को लेकर दो रूसी नागरिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया। स्कॉटलैंड यार्ड ने कहा कि दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।

नर्व एजेंट मामला: ब्रिटेन ने नर्व एजेंट हमले को लेकर दो रूसी नागरिकों पर दर्ज किया केस

ब्रिटिश अभियोजकों ने पूर्व जासूस सर्गेइ स्क्रिपाल और उनकी बेटी को जानलेवा नर्व एजेंट जहर देकर मारने की कोशिश करने को लेकर बुधवार को दो रूसी नागरिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया। स्कॉटलैंड यार्ड ने कहा कि दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए ‘‘पर्याप्त सबूत' मौजूद हैं। स्कॉटलैंड यार्ड और क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने एक बयान में कहा कि संदिग्धों के नाम एलेक्जेंडर पेट्रोव और रूसलन बोशिरोव हैं। उनकी आयु 40 साल से अधिक है। दोनों रूसी सैन्य खुफिया सेवा ग्रू (जीआरयू) के अधिकारी बताए जा रहे हैं।

66 वर्षीय पूर्व रूसी डबल एजेंट और उनकी बेटी यूलिया (33) गत चार मार्च को ब्रिटिश शहर सैलिसबरी में शॉपिंग सेंटर बेंच पर अचेतावस्था में पाए गए थे। उन्हें गंभीर हालत में कई हफ्ते अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। इसके बाद यूलिया को अप्रैल में और स्क्रिपाल को मई में अस्पताल से छुट्टी मिली। उन्हें अज्ञात स्थल पर भेज दिया गया है। प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने हाउस ऑफ कॉमंस में अपने भाषण में घटना के लिए सीधे सीधे रूस सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

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उन्होंने कहा, ‘‘खुफिया सूचना के आधा पर सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची कि पुलिस और सीपीएस ने जिन दो लोगों के नाम दिए हैं, वे रूसी सैन्य खुफिया सेवा के अधिकारी है। खुफिया सेवा को ग्रू नाम से भी जाना जाता है।' ब्रिटेन ने दोनों को नर्व एजेंट ‘नोविचोक' जहर देने के लिये रूस को जिम्मेदार ठहराया था। रूस ने इन आरोपों का जोरदार खंडन किया था।

इस मामले को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच शीतयुद्ध की तरह का कूटनीतिक संकट पैदा हो गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैकड़ों राजनयिकों को निष्कासित किया था। ब्रिटेन के नेशनल लीड फॉर काउन्टर टेररिज्म पुलिसिंग के मेट्रोपोलिटन पुलिस सहायक आयुक्त नील बसु ने कहा, ‘‘सैलिसबरी में सर्गेई और यूलिया स्क्रिपाल पर हमले के संबंध में आरोप लगाने के लिये अब हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं और दो संदिग्धों के लिये घरेलू और यूरोपीय गिरफ्तारी वारंट जारी किये गए हैं। हम इंटरपोल रेड नोटिस को जारी करने की भी मांग कर रहे हैं।'

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उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि पुलिस को ‘तनिक भी संदेह नहीं' है कि मार्च में स्क्रिपाल और उनकी बेटी पर हमला पास के एम्सबरी में हुए घटनाक्रमों से जुड़ा हुआ है। एम्सबरी में जुलाई में हुई घटना में डॉन स्टरगेस और चार्ली रॉवली को जहर दिया गया था। उसमें 44 वर्षीय स्टरगेस की मौत हो गई थी। बसु ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि स्क्रिपाल के अगले दरवाजे पर ऐसी जगह पर नोविचोक लगाया गया जहां लोगों की पहुंच है। इसने जनता और आपात सेवाकर्मियों की जनता को भी जोखिम में डाला।'

कानूनी सेवाओं के सीपीएस निदेशक सू हेमिंग ने कहा कि दोष को साबित करने के लिये पर्याप्त सबूत हैं और ‘‘अलेक्जेंडर पेट्रोव और रूसलान बोशिरोव के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना स्पष्ट रूप से जनहित में है।' दोनों पर जो आरोप लगाए हैं उसमें सर्गेई स्क्रिपाल की हत्या की साजिश, सगेई स्क्रिपाल और यूलिया स्क्रिपाल और पुलिस अधिकारी निक बेली की हत्या का प्रयास, रासायनिक हथियार अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत नोविचोक का इस्तेमाल और उसे रखना, यूलिया स्क्रिपाल और निक बेली को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाना शामिल है।

हेमिंग ने कहा कि सीपीएस इन लोगों के प्रत्यर्पण के लिये आवेदन नहीं देगा क्योंकि रूस फिलहाल अपने नागरिकों के प्रत्यर्पण की अनुमति नहीं देता है। मेट्रोपोलिटन पुलिस के अनुसार दो संदिग्ध दो मार्च को मॉस्को से लंदन के निकट गैटविक हवाई अड्डा पहुंचे और पूर्वी लंदन में सिटी स्टे होटल में रुके। इसके बाद चार मार्च को वे सैलिसबरी पहुंचे जहां स्क्रिपाल के अगले दरवाजे पर नोविचोक लगाया गया।

बसु ने कहा, ‘‘सीसीटीवी में उन्हें स्क्रिपाल के घर के आस-पास देखा गया और हमारा मानना है कि उन्हें नोविचोक से सामने के दरवाजे को दूषित किया।' डिटेक्टिव सार्जेंट निक बेली सैलिसबरी में हुई घटना में बीमार पड़ गए थे। अब वह स्वस्थ हो चुके हैं। स्क्रिपाल और उनकी बेटी को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है।

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