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बलूच को भारत से ही है अब उम्मीद: ब्रहमदाग बुगती

haribhoomi | UPDATED Aug 18 2016 5:20PM IST
नई दिल्ली. बलूचिस्तान में बलूच रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष ब्रहमदाग बुगती खबरो में है। पीएम मोदी के बलूचिस्तान को लेकर किए गए समर्थन से बुगती देश के लिए आगे की रणऩीति तय करने के मूड में है। बता दें कि बुगती बलूचिस्तान की आजादी की जंग को आगे बढाना चाहते है। बुगती अभी पाकिस्तान के रैवय़े से भयभीत है। 
 
बता दें कि पीएम मोदी के बलूचिस्तान को लेकर पाक को फटकारने से बलूच लोगों औऱ नेताओं में देश की आजादी के लिए एक उम्मीद सी जाग उठी है। जानकारी के मुताबिक 12 अगस्त को कश्मीर मुद्दे को लेकर हूई आल पार्टी बैठक में पीएम मोदी ने पाक को आतंकवाद फैलाने के संदर्भ में खरी-खोटी सुनाई थी औऱ साथ ही यह भी कहा कि पाक को दुनिया को इसका जवाब देना होगा।
 
एनबीटी को दिए अपने इंटरव्यू में बुगती ने दिये कुछ सवालों के जवाब......
 
1. सवाल..पीएम मोदी के बलोचिस्तान को लेकर दिए बयान से देश की क्या राय है? 
 
बुगती... बुगती का इस सवाल पर जवाब है कि पीएम मोदी की इस सहानुभुति से पूरे देशवासियों के लिए एक उम्मीद की किरण माना जा रहा है। बुगती ने पाकिस्तान के घिनोने 0रुप को पूरे विश्व को दिखाने की बात कही। उन्होंने भारत सरकार और मीडिया से पाकिस्तान द्वारा बलूच लोगो पर किए गये अत्याचारों को पूरी दुनिया को दिखाने की गुजाऱिश भी की। बुगती ने भारत को अपना मददगार होने का दावा पेश किया।
 
2.सवाल.  भारत अब आपके प्रति गंभीर दिख रहा है..आपकी अगली चुनौती क्या है?
 
बुगती... बूगती ने कहा कि कश्मीर के साथ-साथ भारत हमारे लिए भी गंभीर है। हमें पीएम मोदी से 1971 में बंग्लादेश मामले में इंदिरा गाँधी द्वारा किए गए प्रयास जैसी उम्मीद है। लेकिन हमारे लिए यह चुनौती है कि भारत का आखिरी तक हमारे साथ होना जरुरी है। 
 
3. सवाल. बलूचिस्तान में अब क्या स्थिति है?
 
बुगती... बुगती ने बताया कि पाक बलूच लोगों पर अत्याचार कर रहा है। पाक सेना द्वारा रोज दर्जनों लोग मारे जाने के साथ हजारो लोग गायब भी है। बच्चों के लिए स्कूल और खाने का आभाव है। अपने ही घर में हम गुलाम बनकर रह गए है। हमारे लिए कोई बोलने वाला नहीं है जिसके चलते पाक इसका फायदा उठा रहा है। लेकिन भारत के इस कदम से हमे एक उम्मीद मिली है।
 
4. सवाल. बलूचिस्तान में कया हो?
 
बुगती... हमे हमारा हक मिले यह हमारे लिए सबसे बड़ी बात है। बुगती ने कहा कि पाकिस्तान कभी भी बलूचिस्तान का अंग था ही नहीं। इस बात को लेकर बुगती ने अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी से जनमत संग्रह करवाने की भी बात कही। जनता का जो फैसला होगा वो हमे मंजूर है और पाकिस्तान को भी करना होगा लेकिन पाक जबरन लोगों पर अपना निर्णय न थोपें नहीं तो फिर हमे मजबूरन जवाब देना होगा। 
 
5. सवाल. आप जिनेवा मे बसे है तो फिर आप यह जंग कैसे लड़ सकेंगें?
 
बुगती... बुगती ने सोशल मीडिया को अपनी ताकत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया ट्वीटर, स्काइप और फेसबुक से बलूच लोगों के जुडे होने की बात कहीं। बुगती ने आगे कहा कि पाक को हमारे वार्तालाप की खबर मिल जाती है जिससे वे बलूच लोगों पर अत्याचार करने लगते है। 
 
6. सवाल. भारत से क्या है और अपेक्षा?
 
बुगती... बुगती ने भारत से बलूच लोगों को भारत में जगह देने की बात कही। उन्होंने भारत को अपने दिल के बेहद करीब माना और भारत से अपनापन महसूस होने की बात कही। बुगती ने दिल्ली में रहने की अपनी इच्छा जाहिर की। बुगती ने कहा कि बलुच लोग शाहरुख खान की फिल्में देखने के साथ-साथ सोनू निगम और लता मंगेशकर के गाने भी सुनते है।
 
7. सवाल. पाक कश्मीर को बलूचिस्तान के मामले में अड़ाता है, कया दोनों में कोई तुलना?
 
बुगती... इस मामलें में पाकिस्तान का तर्क बिल्कुल कुतर्क है। बुगती ने कश्मीर और बलूचिस्तान को बिल्कुल अलग मानने की बात कही। कश्मीर भारत का हिस्सा है, भारत जैसे देश में लोकतंत्र का सम्मान है। पाक हमेशा कश्मीर के बजाय बलूचिस्तान पर अत्याचार करता है।
 
8. सवाल. 32 साल की उम्र में कुछ तो मिस करते है?
 
बुगती... बुगती ने इस सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि मेरी भी लड़को की तरह जीवन में रिलेक्स करने की तमन्ना है। बुगती का कहना है कि वह पिछले दस सालों से दर-बदर भटक रहे है। उन्होंने गर्लफेंड की भी इच्छा जाहिर की लेकिन बलूच लोगों का दुख देख वह इस जंग के मैदान में कूद पड़े।
 
9. सवाल. चीन और पाक एक है?
 
बुगती... बुगती ने चीन के पाक को पूरा सहयोग देने की बात कही है, बुगती का मानना है कि चीन को पाक से कोई सरोकार नहीं है बल्कि उसकी नजर बलूचिस्तान के खनिज और संपदा पर है। चीन अपने मतलब के लिए पाक के साथ है।
 
10. सवाल. पाक के लिए कोइ एक्शन नहीं है अभी तक, और ब्लुचिस्तान भी विश्व मे छुप चुका है?
 
बुगती...बूगती ने कहा कि यही तो मेरा कहना है कि ब्लुचिस्तान विश्व में एक ब्ल़ॉक एरिया बना गया है इसलिए हम पर हो रहे अत्याचारों की आवाज किसी को भी नहीं सुनाई देती। शुक्र है कि भारत ने हमे एक उम्मीद दी।  
 
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