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भारत का ''ब्रह्मास्त्र'' है ''ब्रह्मोस'', पाक और चीन की बढ़ी चिंता

एयर लॉन्च्ड क्रूज़ मिसाइल परीक्षण की सफलता से भारत की सामरिक क्षमता में खासा इजाफा हो गया है।

भारत का

सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रम्होस का सुखोई द्वारा सफल परीक्षण करने के बाद पडोसी देशों की भौहें तन गई है।

ब्रम्होस को भारत और रूस ने मिलकर बनाया है। ये मिसाइल जल, थल और हवा तीनो जगह दुश्मनों को मात दे सकती है।

ब्रम्होस मिसाइल के बारे में रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एयर लॉन्च्ड क्रूज़ मिसाइल परीक्षण की सफलता से भारत की सामरिक क्षमता में खासा इजाफा हो गया है।

इसी के साथ भारत पहला देश बन गया है, जिसके पास जमीन, समुद्र तथा हवा से चलाई जा सकने वाली सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है। इस विश्वरिकॉर्ड का जिक्र रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने डीआरडीओ को बधाई देते ट्वीट में भी किया है।

आपको बता दें कि इस परीक्षण से सीमा पर दूर से किसी लक्ष्य को निशाना बनाने की भारत की क्षमता में बढ़ोत्तरी हुई है।

परसोनिक क्रूज़ मिसाइल ब्रम्होस आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए भी काफी मददगार साबित हो सकती है। भारत ने इस प्लान के तहत ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को सुखोई फाइटर जेट से फायर करके ट्रायल भी किया है।

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फायर होने के बाद ब्रह्मोस की स्पीड ध्वनि की स्पीड से तीन गुना अधिक होती है। फिलहाल इस मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर दूर तक की है। जिसे 450 किलोमीटर तक करने का काम चल रहा है।

सुखोई से फायर करने के लिए मिसाइल के डिजाइन में कुछ खास बदलाव भी किए जा रहे है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इसी सप्ताह बंगाल की खाड़ी के पास यह परीक्षण किया जाएगा।

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