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ब्लू वेल गेम पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फेसबुक, गूगल और केंद्र से मांगा जवाब

ऑनलाइन ब्लू वेल गेम को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने टेक कंपनियों फेसबुक, गूगल, याहू और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

ब्लू वेल गेम पर दिल्ली हाई कोर्ट  ने फेसबुक, गूगल और केंद्र से मांगा जवाब
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ऑनलाइन ब्लू वेल गेम को बैन करने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिग्गज टेक कंपनियों फेसबुक, गूगल, याहू और केंद्र सरकार को शो कॉज नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी से इस मामले मे स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

कोर्ट ने अगली सुनवाई में गूगल याहू और फेसबुक को 19 सितंबर को कोर्ट को अपना जवाब सौंपना होगा कि ऑनलाइन ब्लू वेल गेम को रोकने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं।

केंद्र सरकार ने आज हाई कोर्ट को बताया है कि आईटी एक्ट के सेक्शन 79 के अंर्तगत 11 अगस्त को ही पहले ही फेसबुक, गूगल और याहू को नोटिस भेज जा चुका है।

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बता दें सरकार ने पहले ही दिग्गज टेक कंपनियों- गूगल, फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, माइक्रोसॉफ्ट और याहू को आदेश जारी किया था कि खतरनाक ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल चैलेंज के लिंक तत्काल प्रभाव से हटाए जाएं, जो भारत सहित दूसरे देशों में बच्चों के मौत की वजह बन चुका है।

सूचना एवं प्रसारण संत्री पहले ही दे चुके आदेश

मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी ने इंटरनेट कंपनियों को अपने द्वारा जारी लेटर में लिथा था- 'भारत में ब्लू व्हेल चैलेंज की वजह से बच्चों के खुदकुशी की घटनाएं सामने आई हैं।

इसलिए आपसे निवेदन है आप ये सुनिश्चित करें कि आपके प्लेटफॉर्म पर इस गेम के नाम से या इससे संबंधित गेम के लिंक तत्काल प्रभाव से हटा दिए जाएं।' इस लेटर को लॉ एंड आईटी मिनिस्टर रवि शंकर प्रसाद के निर्देशों के बाद जारी किया गया।

जो लेटर जारी किया गया है, उसमें इस गेम के संबंध में चिंता जाहिर करते हुए लिखा गया है कि, मालूम हुआ कि इस गेम के एडमिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इसकी वजह से बच्चे खुदकुशी जैसी हरकत करने तक उतर आते हैं।

मेनका गांधी ने भी की थी अपील

इसके बाद महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने गृह मंत्री और आईटी मंत्री को पत्र भेजकर सोशल मीडिया से इस चैलेंज को हटाने की अपील की थी। उनके मुताबिक, यह चैलेंज 100 युवाओं की जान ले चुका है।

इसलिए इसे फैलने से रोकना चाहिए। वहीं उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से कहा कि उन्हें बच्चों पर नजर रखनी चाहिए. ताकि वे इस चैलेंज के जाल में फंसने से बचें।

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