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विदेशी फंडिंग वाले NGO पर गृह मंत्रालय की टेढी नजर, अब निशाने पर आया ''बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन''

बिल गेट्स ने वर्ष 2000 में इस फाउंडेशन की शुरुआत की थी। यह बहुत से भारतीय एनजीओ और संगठनों को बड़ी मात्रा में चंदा देता है।

विदेशी फंडिंग वाले NGO पर गृह मंत्रालय की टेढी नजर, अब निशाने पर आया
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नई दिल्ली. 'ग्रीनपीस इंडिया' और 'फोर्ड फाउंडेशन' के बाद अब गृह मंत्रालय के नजरों में 'बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन' आ गया है। इस NGO के मुख्य संचालक माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स और उनकी पत्नी मेलिंडा हैं।
एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने इक्नॉमिक्स टाइम्स को बताया है कि मंत्रालय इंटेलिजेंस एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद देश की एक प्रमुख हेल्थ बॉडी को फंडिंग में फाउंडेशन की भूमिका पर विचार कर रही है। आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि अभी इस मामले में गहन जाँच होना बाकी है। फिलहाल जांच अपने शुरुआती दौर में है।
ऑफिसर ने यह भी बताया कि यह आधिकारिक जाँच नहीं है। हम सिर्फ कामकाज़ पर विचार कर रहे हैं क्योंकि हमारे ध्यान में कुछ विशेष जानकारी लाई गई है। इसलिए अभी केवल संदेह के स्तर पर ही जाँच के आदेश जारी किए गए है।
अधिकारी ने कहा कि यह ग्रीनपीस इंडिया के खिलाफ मिनिस्ट्री की ओर से हाल में उठाए गए कदमों से अलग मामला है। मिनिस्ट्री ने कुछ समय पहले ग्रीनपीस इंडिया का FCRA लाइसेंस निलंबित कर दिया था, जिससे इस एनजीओ को अब विदेश से चंदा नहीं मिल पा रहा है।
इस बाबत बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के प्रवक्ता का कहना है कि उन्हें मिनिस्ट्री के इस कदम की कोई जानकारी ही नहीं है। उन्होंने कहा भारत सरकार ने हमसे संपर्क नहीं किया है। बिल गेट्स ने वर्ष 2000 में इस फाउंडेशन की शुरुआत की थी। यह बहुत से भारतीय एनजीओ और संगठनों को बड़ी मात्रा में चंदा देता है। इसकी वेबसाइट पर कहा गया है कि उसकी भारत में केंद्र और राज्य सरकारों, एनजीओ, कम्युनिटी ग्रुप, अकादमिक संस्थानों और प्राइवेट सेक्टर के साथ पार्टनरशिप्स हैं।
बिल और मेलिंडा गेट्स, दोनों को जनवरी में सोशल वर्क में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। इस वजह से इनके एनजीओ के खिलाफ सरकार की ओर से कोई कदम उठाना मुश्किल लग रहा है।
गौरतलब है कि मंत्रालय ने अभी तक 10,117 एनजीओ का रजिस्ट्रेशन कैंसल किया जा चुका है, 34 एसोसिएशंस के अकाउंट्स जब्त किए गए हैं, 69 पर विदेश से फंड लेने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है और फोर्ड फाउंडेशन सहित 16 फॉरेन डोनर एजेंसीज को 'पूर्व अनुमति' कैटेगरी में रखा है। इस कैटेगरी में सरकार विदेशी एजेंसियों से मिलने वाले डोनेशन की जांच करती है।
बता दें कि होम मिनिस्ट्री ने ग्रीनपीस इंडिया को अपने एफसीआरए लाइसेंस के निलंबन पर नौ मई तक सरकार को जवाब देने की समय सीमा तय की है अगर तय सीमा तक कोई जवाब नहीं मिलेगा तो यह लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
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