Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

रक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी, सीमा पर रखनी होगी चौकसी- शांति की आड़ में होगी नापाक साजिश!

दो दिन पाकिस्तान की कैद में रहने के बाद सकुशल भारत लौटे वायुसेना के जाबांज विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान का जहां एक ओर देशभर में जोर-शोर से स्वागत हो रहा है।

रक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी, सीमा पर रखनी होगी चौकसी- शांति की आड़ में होगी नापाक साजिश!

दो दिन पाकिस्तान की कैद में रहने के बाद सकुशल भारत लौटे वायुसेना के जाबांज विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान का जहां एक ओर देशभर में जोर-शोर से स्वागत हो रहा है। वहीं रक्षा विशेषज्ञ हरिभूमि से बातचीत में इसे भारत की एक बड़ी महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता बताते हुए चेतावनी दे रहे हैं कि नापाक पाकिस्तान पर आंख बंद करके भरोसा नहीं किया जा सकता है।

वायुसेना के पायलट को लौटाने की आड़ में पाकिस्तान, भारत के खिलाफ कोई बड़ी साजिश रच सकता है। इसलिए भारतीय सेनाओं को सीमा से लेकर आतंरिक सुरक्षा के स्तर पर बेहद चौकना रहना चाहिए। गौरतलब है कि पाक की ओर से एलओसी पर बीते दो दिन से करीब 40 बार संघर्षविराम समझौते का उल्लंधन कर भारतीय सेना की चौकियों पर भीषण गोलीबारी की गई है। जिसका सेना कड़ा जवाब दे रही है।

भारत की कूटनीतिक जीत

वायुसेना के वरिष्ठ सेवानिवृत अधिकारी एयर मार्शल सुमित मुखर्जी ने कहा कि यह निश्चित रूप से भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। क्योंकि इसी वजह से पाकिस्तान पर चौतरफा दवाब पड़ा और उन्हें भारतीय पायलट को इतनी जल्दी छोड़ना पड़ा। विंग कमांडर अभिनंदन को महज 48 घंटे में भारत को लौटया जा रहा है।

इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ है कि भारत-पाक के बीच बने हुए इस तरह के तनावपूर्ण हालात में इतनी जल्दी रिहाई की गई हो। लड़ाई की स्थिति में अगर कोई विमान क्रैश हो जाए और उसका पायलट दुश्मन के इलाके में गिर जाए और उसे कैद कर लिया जाए तो उसकी रिहाई बेहद मुश्किल हो जाती है। युद्ध खत्म होने का इंतजार किया जाता है।

फिर दोनों देशों के बीच एक आम सहमति बनती है। उसके बाद अगर दुश्मन देश चाहे तो रिहाई पर निर्णय ले सकता है। इस मामले में पाकिस्तान की तरफ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पड़ने वाले कड़े दवाब की वजह से यह फैसला लिया गया है। क्योंकि दुनिया के लगभग सभी देशों ने आतंकवाद का विरोध किया और पाकिस्तान को इलाके में शांति स्थापित करने में मदद देने की अपील की थी।

पश्चिमी देशों का मिला साथ

विदेश मामलों के जानकार कमर आगा ने कहा कि पाकिस्तानी कब्जे में रहे वायुसेना के पायलट के सकुशल वापस लौटने के पूरे प्रकरण में भारत को मिला पश्चिमी देशों का सहयोग भी एक बड़ा कारण रहा है। आज भारत दुनियाभर के लिए एक बड़े बाजार के रूप में मौजूद है। हमारे साथ सभी विकसित देशों के बड़े हित जुड़े हुए हैं। यूएई और अमेरिका ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है।

सऊदी अरब देखता है कि भारत उससे करीब 22 बिलियन का तेल खरीदता है। अगर ईरान पर प्रतिबंध लगते हैं तो यह बढ़कर करीब 32 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इस हिसाब से भारत यूएई के लिए एक बड़ा तेल का खरीदार है। दूसरी तरफ वह यह देखते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था 10 बिलियन डॉलर के हिसाब से वृद्धि कर रहा है।

इस हिसाब से यहां निवेश करना बेहद फायदेमंद होगा। सामरिक स्तर पर भारत अमेरिका सैन्य उपकरणों का एक बड़ा खरीदार है। इन कारणों की वजह से तमाम देश भारत के हितों की अनदेखी नहीं कर सके।

Next Story
Share it
Top