Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

पुणे हिंसा: प्रदर्शनकारियों के साथ पत्थर लेकर निकला बच्चा, वीडियो वायरल

महाराष्ट्र के कई जिलों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद एक बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पुणे हिंसा: प्रदर्शनकारियों के साथ पत्थर लेकर निकला बच्चा, वीडियो वायरल

पुणे में नए साल के मौके पर भीमा कोरेगांव में दो जातियों के बीच हुए हिंसा में महाराष्ट्र के कई ईलाकों में जमकर प्रदर्शन हुआ। ये हिंसा महाराष्ट्र से गुजरात के सूरत तक पहुंच चुकी है।

बता दें कि बंद के दौरान भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद एक बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में एक बच्चा हाथों में पत्थर लेकर जाते हुए दिख रहा है। जिसके बाद एक न्यूज चैनल के रिपोर्टर ने बच्चे से सवाल पूछा है। उससे रिपोर्टर जब पूछता है कि कहां जा रहे हो तो वह जवाब देता है कि वह मराठाओं को मारने जा रहा है है।

जिसके बाद ये वीडियो तेजी से वायरल हुआ और कई लोगों ने इस वीडियो को देखने के बाद कड़ी नाराजगी जाहिर की है। इसके अलावा एक वीडियो में कुछ लोग शिवसेना के दफ्तर पर तोड़फोड़ करते हैं, इसके बाद पथराव कर कुछ गाड़ियों पर केरोसिन छिड़ककर आग लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

ऐसे शुरू हुई हिंसा

महाराष्ट्र में यह विवाद 'शौर्य दिवस' को मनाए जाने को लेकर चल रहा है कुछ दक्षिणपंथी संगठन शौर्य दिवस मनाये जाने का विरोध का कर रहे हैं उनका मानना है कि यह देश विरोधी आयोजन है।

गौरतलब है कि यहां नये साल के अवसर पर भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं जयंती मनाई जा रही थी और तभी मराठा व दलितों के बीच समारोह को लेकर हिंसक झड़प हो गयी हिंसा में एक शख्स की मौत हो गई थी जिसके बाद से हिंसा ने व्यापक रूप धारण कर लिया।

ये है कोरेगांव भीमा का इतिहास

महाराष्ट्र में दलितों और मराठा समुदाय के बीच सोमवार को हुई हिंसा की आग धीरे-धारे पूरे महाराष्ट्र में फैल गई है। जिसके बाद आज दलित संगठनों ने महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है। इस विवाद के चलते आज हम आपको बता रहे है भीमा कोरेगांव की असली कहानी, जब 800 महारों ने 28 हजार मराठों को हराया था।

घटना 1818 की है, जब पेशवा बाजीराव द्वितीय के साथ 28 हजार मराठा ब्रिटिश पर हमला करने पुणे जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें रास्ते में 800 सैनिकों की फोर्स मिली, जो पुणे में ब्रिटिश सैनिकों का साथ देने वाले थे। बाजीराव ने 2000 सैनिक भेजकर इन लोगों पर हमला करा दिया।

Share it
Top