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जानिए कब-कब तोड़ी गई बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियां

देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक मूर्ति को आंध्र प्रदेश के पेडागंत्याणा में अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। मूर्ति को किसने नुकसान पहुंचाया है यह कोई नहीं बता पा रहा है।

जानिए कब-कब तोड़ी गई बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियां
देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक मूर्ति को आंध्र प्रदेश के पेडागंत्याणा में अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। मूर्ति को किसने नुकसान पहुंचाया है यह कोई नहीं बता पा रहा है। मामले की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। लेकिन यह कोई पहली बार नहीं है जब अंबेडकर की मूर्ति तोड़ी गई है। इससे पहले भी कई बार अंबेडक की मूर्ति तोड़ी गई है।

इलाहाबाद में तोड़ी गई मूर्ति

इलाहाबाद में मई के महीने में संविधान निर्माता की मूर्ति तोड़े जाने की लगातार खबरें आती रहीं। इलाहाबाद के कई ब्लाकों में मई में अंबेडकर की मूर्ति तोड़ी गई थी। बहरिया ब्लॉक में मूर्ति तोड़ी गई जिसे प्रशासन ने तुरंत हटवा कर उसकी जगह नई मूर्ति लगवा दी थी।

सहारनपुर में तोड़ी गई मूर्ति

एससी एसटी एक्ट में बदलाव के बाद पूरे देश में कई जगहों पर मूर्ति तोड़े जाने की घटनाएं सामने आई थी। सहारनपुर शहर में ही एक जगह मूर्ति तोड़े जाने की घटना सामने आई थी। जिसके बाद पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए थे। मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद पुलिस वाले खुद ही शिल्पकार बनकर मूर्ति को सही करने लगे थे।

एटा में तोड़ी गई थी मूर्ति

मार्च के महीने में भी डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़ी गई थी। जिसके बाद घटना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में जाटव सामज के लोगों ने पहुंचकर सरकार विरोधी नारे लगाए थे। डीएम एसपी ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाया था।

बलिया में भी तोड़ी गई प्रतिमा

अप्रैल में उत्तर प्रदेश के बलिया और बदायूं जिले में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित किए जाने की घटना प्रकाश में आई थी। बलिया में नगरा थानाक्षेत्र के ढेकवारी गांव में अराजक तत्वों ने मूर्ति को तोड़ दिया था।

बदायूं भी नहीं रहा अछूता

बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र में अप्रैल में अराजक तत्वों ने बाबासाहेब की प्रतिमा को रात में क्षतिग्रस्त कर दिया था। सुबह लोगों ने देखा तो आक्रोशित हो गए। सुबह लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। जिसके बाद मामला शांत हुआ था। इसके साथ ही मार्च से लेकर मई तक कई जगहों पर अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने और मूर्ति पर कालिख पोतने का मामला सामने आया था।

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