Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Bharat Bandh News : बहुत पुराना है भारत बंद का इतिहास, जानें 5 बड़े भारत बंद के बारे में

भारत में आजादी के बाद से विपक्षी पार्टियां और ट्रेड यूनियन अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए कई बार भारत बंद का आहवान करते रहे हैं। भारत बंद की ये घटनाएं कई बार हिंसक रूप ले लेती हैं, और इससे देश का करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाता हैं। पढ़िए 5 बड़े भारत बंद के बाते में खास बातें।

Bharat Bandh News : बहुत पुराना है भारत बंद का इतिहास, जानें 5 बड़े भारत बंद के बारे में

भारत में आजादी के बाद से विपक्षी पार्टियां और ट्रेड यूनियन (Union Trade) अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए कई बार भारत बंद (Bharat Bandh) का आहवान करते रहे हैं। भारत बंद की ये घटनाएं (Bharat Bandh Case) कई बार हिंसक रूप ले लेती हैं, और इससे देश का करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाता हैं। फिलहाल 8 और 9 जनवरी (strike on 8th january 2019) को वाम मोर्चा समर्थित मजदूर संगठनों ने भी दो दिनों के लिए भारत बंद 2019 (Bharat Bandh 2019) की घोषणा की हैं। इस भारत बंद का असर (Strike Action) बैंक, ट्रांसपोर्ट और बाजार समेत कई अन्य जगहों पर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है।

भारत बंद की पांच खास बातें (Bharat Bandh Facts)

1. SC/ST Act

एससी एसटी एक्ट (SC/ST Act) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले खिलाफ 6 और 7 सितम्बर को सवर्णों ने भारत बंद का आहवान किया था। ये भारत बंद (Bharat Bandh) केंद्र की मोदी सरकार द्वारा SC/ST एक्ट में किए गए संशोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए बुलाया गया था।

सरव्नों द्वारा बुलाए गए इस भारत बंद (Bharat Bandh) का सबसे अधिक असर मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश और बिहार में देखने को मिला था। इस भारत बंद (Bharat Bandh) के दौरान मध्य प्रदेश के 10 जिलों में धारा 144 लगाई गई थी। मध्य प्रदेश के ग्वालियर समेत कई जिलों में व्यापक असर देखने को मिला था।

2. पेट्रोल-डीजल की कीमत

साल 2018 के सितंबर महीने में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और रुपए की कीमत गिरने को लेकर कांग्रेस (Congress) ने 10 सितंबर को भारत बंद (Bharat Bandh) बुलाया था।

कांग्रेस (Congress) द्वारा बुलाए गए इस भारत बंद (Bharat Bandh) को देश की करीब 10 बड़ी रानजीतिक पार्टियों का समर्थन मिला था। कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की थी।

कांग्रेस (Congress) के इस भारत बंद को समाजवादी पार्टी (Sp), बहुजन समाज पार्टी (BSP), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), द्रमुक (DMK), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (MCP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), जनता दल एस (JDS), राष्ट्रीय लोक दल (RLD), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) समेत कई दलों का समर्थन मिला था।

3. ट्रेड यूनियन भारत बंद

बैंक कर्मचारी यूनियन, श्रमिक संगठनों, नॉर्थ ईस्ट में सिटिजनशिप बिल के विरोध में तमाम संगठनों ने 8 और 9 जनवरी को भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया है। श्रमिक संगठनों द्वारा सरकार के एक तरफा श्रम सुधार और श्रमिक-विरोधी नीतियों के चलते ये भारत बंद (Bharat Bandh) बुलाया गया है।

ट्रेड यूनियन द्वारा बुलाये गए इस भारत बंद (Bharat Bandh) का कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मुंबई, उड़ीसा, गुजरात समेत कई जगह असर देखने को मिला।

4. फिल्म 'पद्मावत' को लेकर भारत बंद

फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली द्वारा रानी पद्मावती पर फिल्म बनाने को लेकर करणी सेना ने राजस्थान समेत पूरे देश में भारत बंद का आहवान किया था। कुछ हिंदूवादी संगठनों और करणी सेना ने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली पर रानी पद्मावती के चरित्र को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया था।

फिल्म 'पद्मावत' के प्रदर्शन के खिलाफ देशभर में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इस फिल्म के प्रदर्शन के खिलाफ करीब 2000 राजपूत महिलाओं ने रानी पद्मावती की ही तरह जौहर करने की धमकी दी थी।

5. अन्ना का भारत बंद

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान बढती महंगाई को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे और एनडीए ने भारत बंद (Bharat Bandh)का आहवान किया था। अन्ना के इस भारत बंद (Bharat Bandh) को तब की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) समेत कई राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला था।

इसके बाद अन्ना हजारे के साथ देशभर में लाखों लोग सड़कों पर उतर गए थे। बाद में अन्ना हजारे में रामलीला मैदान पर कई दिनों तक अनशन भी किया था। अन्ना हजारे ने ये आंदोलन मुख्यरूप से भारत में लोकपाल की नियुक्ति और सिटिजन चार्टर लागू करने के लिए किया था।

Share it
Top