Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

शादियां टूटने से चिंतित मद्रास हाईकोर्ट, शादी से पहले हो मेडिकल चैकअप

सरकार को नपुंसकता जांच को जरूरी बनाने का सुझाव दिया

शादियां टूटने से चिंतित मद्रास हाईकोर्ट, शादी से पहले हो मेडिकल चैकअप
चेन्नई. नपुंसकता की वजह से टूटती शादियों की वजह से परेशान मद्रास हाईकोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार को कहा है कि सरकार शादी से पहले "पोटैंसी टेस्ट" जरूरी करने पर विचार कर सकती है। यौन संक्रमण और नपुंसकता को लेकर बिखर रहे वैवाहिक जीवन पर मद्रास हाइकोर्ट ने चिंता जाहिर की है।
न्यायमूर्ति एन. किरूबाकरन ने एक व्यक्ति द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को नपुंसकता जांच को जरूरी बनाने का सुझाव दिया। साथ ही कोर्ट ने धोखे से शादी रचाने वालों को सजा दिए जाने का सुझाव भी दिया। मद्रास हाइकोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार से कहा है कि शादी से पहले मेडिकल चैकअप को जरूरी बनाने पर विचार कर सकती है। साथ ही अगर कोई व्यक्ति अपनी नपुंसकता छिपाकर शादी करता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि कोर्ट में कई ऐसे मामले सामने आए है जिनमें अपनी नपुंसकता को छिपाकर शादी की गई और बाद में जब मामला सामने आता तो नौबत तलाक तक आ तक आ जाती। अपने अंतरिम आदेश में कहा, नपुंसकता की वजह से शादियां टूटने का मामला गंभीर है। ऐसे में ऐसे इंतजाम किए जाने चाहिए कि इस वजह से शादियां टूटने की नौबत न आए।
हाईकोर्ट ने चिंता जताई कि अगर कोई शख्स अपनी स्थिति छिपाकर किसी से शादी करता है तो वह गलत है। अगर कोई भी लड़का या लड़की अपने पार्टनर से अपने स्वास्थ्य वगैरह के बारे में जानकारी छिपाता है, तो यह सही नहीं है। इस तरह वह उसे अंधेरे में रखता है। ऐसे में ऐसी व्यवस्था पर विचार किया जाए, जिसके तहत शादी से पहले मेडिकल चेकअप को जरूरी कर दिया जाए।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, क्यो हो शादी से पहले मर्दानगी टेस्ट करवाना अनिवार्य -
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि और हमें फॉलो करें ट्विटर पर
Next Story
Top