Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

कासगंज हिंसा: बरेली के जिलाधिकारी का यू-टर्न, फेसबुक पोस्ट पर दी ये सफाई

कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा के बाद उपजे तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

कासगंज हिंसा: बरेली के जिलाधिकारी का यू-टर्न, फेसबुक पोस्ट पर दी ये सफाई

कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा के बाद उपजे तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

उधर फेसबुक पोस्ट को लेकर विवादों में घिरे बरेली के जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी पोस्ट बरेली में कांवड यात्रा के दौरान आई कानून व्यवस्था की समस्या को लेकर थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस पर स्वस्थ चर्चा होगी लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से इसने कुछ दूसरा ही मोड ले लिया। पुलिस के अनुसार कासगंज में हालात तनावपूर्ण किन्तु नियंत्रण में हैं। हिंसा की छिटपुट वारदात की खबर है।

कासगंज के जिलाधिकारी आर पी सिंह ने यहां संवाददाताओं को बताया कि अमनपुर में कुछ असामाजिक तत्वों ने ईदगाह की दीवार पर गुंबदनुमा एक ढांचे को क्षतिग्रस्त कर तनाव फैलाने का प्रयास किया हालांकि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने तत्काल स्थिति नियंत्रित कर ली। शहर में बडी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और पीएसी के जवान स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। अफवाहें फैलाने वालों और उपद्रवियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है ।'

उन्होंने कहा, 'भ्रष्टाचारियों और अराजकता फैलाने वालों से पूरी सख्ती से निपटा जाएगा ।'

उधर बरेली के जिलाधिकारी राघवेन्द्र विक्रम सिंह ने एक दूसरी पोस्ट में कहा कि हम चर्चा इसलिए करते हैं ताकि हम बेहतर हो सकें। ऐसा लगता है कि इससे बहुत से लोगों को आपत्ति भी है और तकलीफ भी।
सिंह ने कहा कि उनकी मंशा कोई कष्ट देने की नहीं थी। सांप्रदायिक माहौल सुधारना हम लोगों की प्रशासनिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। मुस्लिम हमारे भाई हैं, हमारे ही रक्त। हमारा डीएनए एक ही है। हमें उन्हें वापस लाना नहीं आया, इस पर फिर कभी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शत्रु है, इसमें कोई सन्देह नहीं है। हमारे मुस्लिम हमारे हैं, इसमें भी कोई संदेह नहीं है। मैं चाहता हूं कि यह विवाद खत्म हो। साथ ही उन्होंने अपनी पूर्व की पोस्ट से किसी के आहत होने पर माफी भी मांगी है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस प्रकरण पर कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है और सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। तिरंगा यात्रा के दौरान यह घटना घटी, दोषियों पर कडी कार्रवाई होगी।
शर्मा ने योगी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद 'भाषा' से कहा कि संबद्ध​ जिलाधिकारी एवं पुलिस कप्तान को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना होने पाये।
बरेली जिलाधिकारी की फेसबुक पोस्ट पर किये गये सवाल पर शर्मा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे अमन चैन सुनिश्चित करें। व्यवस्था को ठीक रखें । इस तरह की टीका टिप्पणी से बचना चाहिए।
कासगंज की सांप्रदायिक हिंसा को लेकर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर चंदन गुप्ता की जगह मोहम्मद इस्माईल होता तो मीडिया में अलग बहस छिडती । हमें इस मनोवृत्ति को बदलने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि कासगंज हिंसा सुनियोजित लगती है। समाज में इस तरह की घटनाओं में लिप्त किसी को भी योगी आदित्यनाथ सरकार बख्शेगी नहीं।
उन्होंने कहा कि एक नौकरशाह ने भी 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे को लेकर ​कुछ टिप्पणी की है। 'मैं कहना चाहता हूं कि पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा क्यों ना लगाया जाए जबकि पाकिस्तान हमारे सैनिकों को मारता है और वह सीमा पार से आतंकवाद फैलाने में शामिल है।'
सिंह ने पूर्व की फेसबुक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे फेसबुक वाल से हटा लिया।
उन्होंने फेसबुक पर अपनी पहली पोस्ट में लिखा था, 'अजब रिवाज बन गया है। मुस्लिम मुहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ। क्यों भाई वे पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली में खैलम में हुआ था। फिर पथराव हुआ। मुकदमे लिखे गए।' सिंह ने यह फेसबुक टिप्पणी 28 जनवरी को की थी।
इस बीच भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा कि कासगंज की घटना दु:खद है। लगता है कि 'पाकिस्तान परस्त लोग आ गये हैं जो राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार नहीं कर रहे हैं, वे पाकिस्तान के झंडे को स्वीकार कर रहे हैं । पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे लगाने वालों के खिलाफ सख्त होनी चाहिए। सरकार और सख्त कदम उठाये।'
खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि इस प्रकरण का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उधर ताजा घटनाक्रम में एक दुकानदार के स्टोर को कल रात आग लगा दी गयी। दुकानदार ने कहा कि वह इलाके का अकेला मुस्लिम दुकानदार है।
'मैं यहां 20 साल से रह रहा हूं लेकिन हमें कभी कोई दिक्कत नहीं आयी।' राज्यपाल राम नाईक ने घटना पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि यह राज्य की छवि पर धब्बा है।
योगी सरकार ने जिले के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह को कल हटा दिया।
इस बीच सोशल मीडिया पर जिस राहुल उपाध्याय की मौत की खबर वायरल हो रही थी, उसका खंडन करते हुए खुद राहुल ने कहा कि वह हिंसा के समय कासगंज में नहीं था। उपाध्याय ने कहा कि उसके किसी दोस्त ने इस अफवाह के बारे में उसे सूचित किया।
उधर पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने कहा है कि हिंसा में शामिल लोगों पर रासुका लगायी जाएगी। हिंसा में कथित भूमिका के लिए सौ से अधिक लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
एक अधिकारी ने बताया कि कुछ जगहों पर छापेमारी में अवैध हथियार बरामद हुए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक (अलीगढ) संजीव गुप्ता ने कहा कि पुलिसकर्मी शहर के विभिन्न हिस्सों में गश्त और तेज करेंगे। 'मैं खुद स्थिति पर निगाह रखे हुए हूं।'
जिला प्रशासन की ओर से बनी शांति समि​ति ने आज शाम बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। समिति ने समाज के हर वर्ग से सदभाव बनाये रखने की अपील की। देर शाम मिली खबर के मुताबिक पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आज शहर में फ्लैग मार्च किया।
पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों के आवास पर संपत्ति जब्ती का नोटिस लगा दिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (अलीगढ) संजीव गुप्ता ने बताया कि पुलिस चंदन हत्या मामले में आरोपियों नसीम, वसीम और सलीम के आवासों पर छापेमारी कर रही है। वसीम के आवास से एक नौ एमएम पिस्टल, देशी बम और डबल बैरल गन बरामद हुई है।
श्रीवास्तव ने बताया कि किन्नरों ने अपने नेता पूजा को हिरासत में लिये जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। बाद में पूजा को रिहा कर दिया गया और प्रदर्शन खत्म हो गया।
Share it
Top