Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

बैंकों पर बिफरे आरबीआई गवर्नर, ईएमआई कम न करना ‘नॉनसेंस’

सामान्य मानसून की उम्मीद ,बोले ईएमआई कम न करना ‘नॉनसेंस’ है

बैंकों पर बिफरे आरबीआई गवर्नर,  ईएमआई कम न करना ‘नॉनसेंस’
मुंबई. आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने मंगलवार को देश के तमाम बैंकों को जोरदार लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि रेपो रेट कम किए जाने के बावजूद इसका लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है। उन्होंने खासतौर पर सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई और निजी बैंक आईसीआईसीआई का नाम लेते हुए कहा कि दोनों ही बैंकों ने लोगों तक दरों में कटौती का लाभ नहीं पहुंचाया। उन्होंने बैंकों द्वारा दिए जा रहे खर्चे में कमी नहीं आने के तर्क को भी बेवकूफाना करार दिया।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजन ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जब भी बैंकों को अपनी ब्याज दरें बढ़ानी होती हैं तब वे आरबीआई की ऊंची ब्याज दरों का बहाना लेते हैं। अब जब आरबीआई ने ब्याज दरें कम की हैं, तब बैंक दरें कम क्यों नहीं कर रहे? उल्लेखनीय है कि जनवरी से मार्च के बीच आरबीआई ने रेपो रेट में 0.5 प्रतिशत की कमी करते हुए इसे 7.5 प्रतिशत पर ला दिया था। बता दें कि रेपो रेट वह दर है, जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। ब्याज दरों में कटौती की वकालत करते हुए राजन ने कहा कि जितना जल्दी बैंक रेट को कम करेंगे उतनी ही जल्दी देश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
सामान्य मानसून की उम्मीदरिजर्व बैंक ने कहा कि वह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के खाद्य मूल्यों पर असर का आकलन कर रहा है हालांकि केंद्रीय बैंक ने उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में साामान्य मानसून के कारण खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त तक करीब चार प्रतिशत रह जाएगी। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की अपनी पहली द्वैमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए आज कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2015-16 की पहली तिमाही के दौरान मौजूदा स्तर पर बने रहने की उम्मीद है जिसके बाद अगस्त में यह करीब चार प्रतिशत पर आ जाएगी और साल के अंत तक यह 5.8 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, संबंधित अन्य जानकारी-
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top