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Balasaheb Thackeray Jayanti: बाल ठाकरे के इन 5 विवादों को नहीं जानते होंगे आप

शिवसेना के दिवंगत प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की आज जयंती है (Bala Saheb Thakrey Birthday)। बालासाहेब ठाकरे (Bala Saheb Thakrey) के जीवन पर बनने वाली फिल्म ''ठाकरे'' (Thakrey Movie) भी शुक्रवार को रिलीज होगी। फिल्म में बालासाहेब ठाकरे (Bala Saheb Thakrey) का किरदार नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) ने निभाया है। बालासाहेब केशव ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 को पुणे में हुआ था। 1966 में बाला साहेब ठाकरे ने शिवसेना (Shivsena) की नींव रखी थी। बाला साहेब ठाकरे भारतीय राजनीति के ऐसे नेताओं में से रहे हैं जो हमेशा अपनी बात खुल कर रखते थे। जो भी बोलना होता था उसमें किसी भी तरह का घुमाव नहीं रखते थे बल्कि सीधे-सीधे कहते थे। कई बार वो इन्ही वजहों से विवादों (Controversy) में आए लेकिन बाला साहेब ठाकरे ने इन विवादों के कारण कभी भी अपनी बात कहना नहीं छोड़ी। आइए जानते हैं बालासाहेब ठाकरे के विवादों के बारे में।

Balasaheb Thackeray Jayanti: बाल ठाकरे के इन 5 विवादों को नहीं जानते होंगे आप

शिवसेना के दिवंगत प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की आज जयंती है (Bala Saheb Thakrey Birthday)। बालासाहेब ठाकरे (Bala Saheb Thakrey) के जीवन पर बनने वाली फिल्म 'ठाकरे' (Thakrey Movie) भी शुक्रवार को रिलीज होगी। फिल्म में बालासाहेब ठाकरे (Bala Saheb Thakrey) का किरदार नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) ने निभाया है। बालासाहेब केशव ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 को पुणे में हुआ था। 1966 में बाला साहेब ठाकरे ने शिवसेना (Shivsena) की नींव रखी थी। बाला साहेब ठाकरे भारतीय राजनीति के ऐसे नेताओं में से रहे हैं जो हमेशा अपनी बात खुल कर रखते थे। जो भी बोलना होता था उसमें किसी भी तरह का घुमाव नहीं रखते थे बल्कि सीधे-सीधे कहते थे। कई बार वो इन्ही वजहों से विवादों (Controversy) में आए लेकिन बाला साहेब ठाकरे ने इन विवादों के कारण कभी भी अपनी बात कहना नहीं छोड़ी। आइए जानते हैं बालासाहेब ठाकरे के विवादों के बारे में।


सचिन को चेतावनी

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) भी एक बार बाल ठाकरे के गुस्से का शिकार हुए हैं। हुआ कुछ यूं था कि नवंबर 2009 सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि मुंबई पर सभी भारतीयों का बराबर हक है। जिसके बाद ठाकरे भड़क गए थे। ठाकरे ने सचिन को चेतावनी देते हुए कहा था कि हमें क्रिकेट के मैदान में चौके छक्के पसंद हैं, लेकिन आप अपनी जुबान का इस्तेमाल न करें। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

मुसलमानों के विरोध में बयानबाजी

बालासाहेब ठाकरे (Bala Saheb Thakrey) की छवि एक हिंदूवादी नेता के रूप में होती थी। 80 के दशक में उन्होंने कहा था कि मुसलमान कैंसर की तरह फैल रहे हैं। उनका इलाज भी कैंसर की ही तरह होना चाहिए। देश को मुसलमानों से आजाद कराने की जरूरत है। इसमें पुलिस को हिंदुओं की मदद करनी चाहिए।

ठीक उसी तरह जैसे पंजाब में पुलिस ने खलिस्तानियों की मदद की थी। 1992 में जब बाबरी ढांचा ढहाया गया था। तब शिवसैनिकों ने काफी उत्पात मचाया था। इस पर बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि शिवसैनिकों ने जो किया वो ठीक किया। बाद में उन्होंने 1998 में एक साक्षात्कार में कहा था कि हमें मुसलमानों को अपना ही हिस्सा मानना चाहिए। लेकिन 2008 में उनका नजरिया फिर से कट्टर हो गया। जिसमें उन्होंने कहा कि मुस्लिम आतंकवाद काफी बढ़ गया है। उससे निपटने के लिए सिर्फ हिंदू आतंकवाद ही जरूरी है।

जब वोट डालने पर बैन लगा

एक हिंदूवादी नेता की छवि के इतर उन्हें एक पक्ष कट्टर भी मानता था। कई लोग मानते थे कि वह नफरत और डर की राजनीति करते थे। जिसके कारण चुनाव आयोग ने उन पर मतदान और चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर 1995 से 10 दिसंबर, 2001 तक उन पर 6 सालों का प्रतिबंध लगाया।

गिरफ्तारी पर चेतावनी

बाबरी ढांचे के विध्वंस के बाद बाल ठाकरे ने मुस्लिमों के खिलाफ भाषण दिया था। उन पर दंगे भड़काने का मामला दर्ज किया गया था। इस पर उन्होंने कहा कि उगर मुझे गिरफ्तार किया गया तो पूरा देश उठ खड़ा होगा। ठाकरे ने यहां तक कह दिया था कि अगर मेरी वजह से देश में युद्ध होता है तो इसे होने दें।

1993 दंगों के दौरान मुस्लिमों पर हमले करके के लिए लोगों को उकसाने के लिए सामना में लिखे लेख के लिए ठाकरे को 25 जुलाई सन 2000 में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद पूरी मुंबई रुक गई। बाल ठाकरे को अदालत ने रिहा कर दिया। 2007 में उन्हें फिर से गिरफ्तार किया गया लेकिन उन्हें फिर से जमानत मिल गई।

पाक क्रिकेट टीम का विरोध

बाल ठाकरे एक हिंदूवादी नेता के साथ ही पाकिस्तान के धुर विरोधी रहे। उन्होंने पाकिस्तान के साथ ही पाकिस्तान की हर एक चीज का विरोध किया। क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 के दौरान जब पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचा तो शिवसेना ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान फाइनल में पहुंचा तो उसे मुंबई में खेलने नहीं दिया जाएगा।

2012 में पाकिस्तान और भारत के बीच चल रही टेस्ट सीरीज का भा ठाकरे ने खुल कर विरोध किया। शिवसैनिकों के नाम जारी संदेश में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत में खेलने से रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं बीमार हूं। इस वजह से पाकिस्तानी टीम को खेलने से नहीं रोक सकता। लेकिन यह काम अब शिवसैनिकों को करना चाहिए।

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