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स्वतंत्रता दिवस से हो सकती है ''आयुष्मान भारत'' की शुरुआत, सरकार के सामने होगी ये परेशानियां

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बार के बजट में 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य बीमा देने की घोषणा की थी। मोदी सरकार एवं एनडीए के सहयोगियों ने इसे क्रांतिकारी कदम बताया था।

स्वतंत्रता दिवस से हो सकती है

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बार के बजट में 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य बीमा देने की घोषणा की थी। मोदी सरकार एवं एनडीए के सहयोगियों ने इसे क्रांतिकारी कदम बताया था। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भी पिछले कई भाषण एवं आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम में लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी हुई समस्यायों के बारे में जिक्र किया था।

स्वास्थ्य बीमा नहीं होने के कारण कई बार गरीब लोगों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती है, उनके पास इतने पैसे नहीं होते हैं कि अपने परिवार के लोगों का इलाज किसी बड़े अस्पताल में करा सके। सरकार ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हूए आयुष्मान भारत की शुरुआत करने की घोषणा की है।

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क्या है 'आयुष्मान भारत'?

इस स्कीम के तहत प्रति परिवार को एक लाख रुपये सालाना का कवर मिलेगा। 60 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को 30 हजार रुपये का अतिरिक्त टॉप अप भी मिल सकेगा यानी की वरिष्ठ नागरिकों को सलाना 1 लाख 30 हजार का कवर मिलेगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक मौजूदा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सालाना सिर्फ 30 हजार रुपये का कवरेज मिल रहा है। सरकार एक फ्लैगशिप स्वास्थ्य सुरक्षा योजना शुरू करेंगे, इसके तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों (50 करोड़ सदस्यों) को पांच लाख रुपये प्रति वर्ष प्रति परिवार का लाभ मिल सकेगा।

पहले थी आरएसबीवाई

पिछली सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) के नाम से असंगठित क्षेत्र के मजजदूरों के लिए इसे शुरू किया था। इसके बेहद सफल मॉडल को देखते हुए इसे दूसरे गरीब परिवारों के लिए भी शुरू करने का फैसला किया गया। बाद में इसे स्वास्थ्य मंत्रालय के जिम्मे दे दिया गया।

2016-17 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनी

इसके साथ ही इसका नाम 2016-17 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना यानी नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (आरएसएसवाई या एनएचपीएस) रखा गया। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने फिर से इसी नाम से इस योजना को शुरू करने की घोषणा की है। दो साल पहले के बजट में एलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मासिक प्रगति बैठक के दौरान इस पर कई बार चर्चा भी की थी लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी थी।

स्वासथ्य मंत्री ने बताया क्रांतिकारी

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी आम बजट 2018 में लॉन्च की गई नेशनल हेल्थ स्कीम को क्रांतिकारी कदम बताया है। नड्डा ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि नेशनल हेल्थ स्कीम का लाभ 10 करोड़ परिवार और 50 करोड़ लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि 'नमो केअर' में आम आदमी की सेहत और इलाज से जुड़े सभी मुद्दे कवर किये गए हैं।

नड्डा ने कहा कि ये योजना भारत के सामाजिक ढांचे को बेहतर बनाने में मदद करेगी। इसके तहत 1.5 लाख सेंटर को हम वैलनेस सेंटर में बदले जाएंगे। इसके अलावा 2025 तक देश को टीबी की बीमारी से मुक्त करने का भी लक्ष्य है।

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आ सकती है ये परेशानी

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा लाभ देने की घोषणा तो कर दी, लेकिन इसे लागू करने की व्यवस्था अभी तक तय नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि इसके लिए केंद्र और राज्य दोनों को मिलकर प्रीमियम पर खर्च करना है। लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल राज्य सरकारों से इस पर बात होना शेष है। जबकि सूत्रों बताते हैं कि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें है, वहां इस योजना के लिए केंद्र को मुश्किलें आ सकती हैं।

15 अगस्त या 2 अक्टूबर से होगी लागू

सूत्रों की मानें तो आयुष्मान भारत को प्रधानमंत्री 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से इस योजना को लागू कर सकते हैं या फिर स्वच्छ भारत अभियान की तरह इस साल गांधी जयंती के मौके पर इस स्कीम को लागू कर सकते हैं।

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