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अयोध्या में उद्धव/ शिवाजी जन्मस्थली की मिट्टी, धर्मसभा, अंसारी की सुरक्षा और 1992 के बाद पहली बार...

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर वीएचपी द्वारा आयोजित की जा रही विशाल धर्मसभा के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंच गए हैं। उद्धव अपने साथ शिवाजी महाराज की जन्म स्थली की मिट्टी भी लेकर आए हैं।

अयोध्या में उद्धव/ शिवाजी जन्मस्थली की मिट्टी, धर्मसभा, अंसारी की सुरक्षा और 1992 के बाद पहली बार...

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद् (वीएचपी) द्वारा रविवार को आयोजित की जा रही विशाल धर्मसभा से एक दिन पहले शनिवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंच गए हैं।

अयोध्या में उपस्थित हजारों शिवसैनिकों ने यहां उद्धव ठाकरे का स्वागत किया। उद्धव कल धर्मसभा में भाग लेंने के बाद साधू संतों में मुलाकात करेंगे। इसके आलावा उद्धव यहां सरयू के घात पर पूजा-अर्चना भी करेंगे।

हालांकि सरकार ने शिवसेना प्रमुख को अयोध्या में रैली करने की इजाजत नहीं दी है, लेकिन उद्धव ठाकरे यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। उद्धव अपने साथ शिवाजी महाराज की जन्म स्थली की मिटटी भी लेकर आए हैं। उन्होंने कहा हैं कि वो सरकार को अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण का वादा याद दिलाने के लिए आए हैं।

इससे पहले राम जन्मभूमि में पहुंचने से पहले ही शिवसेना के नेता संजय राउत ने एक बड़ा बयान देकर सरगर्मियां तेज कर दी हैं। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी थी तो कानून बनाने में कितना टाइम लगता है? राष्ट्रपति भवन से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है। राज्यसभा में ऐसे बहुत से सांसद हैं जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे, जो विरोध करेगा उसका देश में मुश्किल होगा।'

खामोश है यूपी सरकार

संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताया था कि 25 नवंबर को उद्धव अयोध्या में एक रैली भी करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। खास बात यह है कि उद्धव के बगावती तेवरों के बावजूद यूपी सरकार ने अभी तक उनके कार्यक्रम पर रोक नहीं लगाई है। उद्धव के कार्यक्रम के रोज ही विश्व हिंदू परिषद द्वारा भी अयोध्या में एक विशाल रैली करने की घोषणा की गई है। वीएचपी की धर्मसभा में दो लाख लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है।

अंसारी को मिली सुरक्षा

गौरतलब है कि वीएचपी और शिवसेना के कार्यक्रमों को देखते हुए बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी, जिसके बाद उनके साथ तीन पुलिस कॉन्स्टेबलों के साथ-साथ एक इन्स्पेक्टर भी तैनात कर दिया है। इसके बाद इकबाल अंसारी ने कहा, 'मैं शुरू से ही योगी सरकार का प्रशंसक रहा हूं, जो बिना किसी भेदभाव के काम कर रही है।'

उन्होंने कहा कि वह अयोध्या की धर्मसभा के आयोजन पर ऐतराज नहीं जता रहे थे बल्कि बाहर से आने वाली लाखों की भीड़ से भयभीत जरूर थे क्योंकि ऐसी ही भीड़ 1990-92 में जुटी थी जब मुस्लिम बस्तियों को उजाड़ने की कोशिश हुई थी।

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