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अयोध्या विवाद: 10 जनवरी तक टली राम मंदिर पर सुनवाई, नई बेंच का होगा गठन

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। कोर्ट में केस की सुनवाई होगी और मुख्य अपीलों पर यह तय हो सकता है कि अब इस मामले में अगली सुनवाई किस तारीख को होगी।

अयोध्या विवाद: 10 जनवरी तक टली राम मंदिर पर सुनवाई, नई बेंच का होगा गठन

सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद सुनवाई टल गई है। कोर्ट ने राम मंदिर मामले की सुनवाई 10 जनवरी तक टाली है। कोर्ट ने लगभग सुबह 10:40 बजे इस मामले पर सुनवाई शुरू की।

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कोर्ट ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें अयोध्या मामले की तत्काल और हर दिन सुनवाई की मांग की गई थी। जनहित याचिका वकील हरीनाथ राम ने नवंबर, 2018 में दाखिल की थी।

नई बेंच के बारे में सात जनवरी तक पता चल सकता है

राम मंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में केवल 60 सेंकड यानी एक मिनट सुनवाई चली। इस दौरान किसी पक्ष से कोई दलील नहीं दी गई।

10 जनवरी को नई बेंच का गठन किया जाएगा

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मामले की सुनवाई 10 जनवरी तक टाल दी है।

बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करेंगे, चाहे कोई भी फैसला आए। हमें देश के संविधान और सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है।

स्मृति ईरानी ने राम मंदिर पर कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपने वकीलों के जरिए इस अयोध्या मुद्दे की राह में रोड़ा में अटकाने का काम कर रही है। कांग्रेस से आज हम उम्मीद करते हैं कि वे ऐसा नहीं करेगी।

सुप्रीम कोर्ट 10:30 अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू की गई। दरअसल, कोर्ट में अयोध्या मामले की लिस्टिंग 7वें नंबर पर है।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। कोर्ट में केस की सुनवाई होगी और मुख्य अपीलों पर यह तय हो सकता है कि अब इस मामले में अगली सुनवाई किस तारीख को होगी।

इस मामले से जुड़ी कुछ अन्य याचिकाओं पर कोर्ट संज्ञान लेगा। यह मामला सीजेआई रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पीठ द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट के सितंबर 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई के लिए 3 सदस्यीय जजों की पीठ गठित किए जाने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या की 2.77 एकड़ जमीन को सुन्नी वक़्फ बोर्ड, र्निमोही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर बांटने का फैसला दिया था।

इस मामले में पिछली सुनवाई 29 अक्टूबर 2018 सुप्रीम कोर्ट में हुई थी। उस दौरान कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में अगली सुनावई जनवरी 2019 के पहले सप्ताह में 'उपयुक्त पीठ' के सामने सुनवाई होगी जोकि सुनवाई का प्रारूप तय करेगी।

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