Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

''राहुल मंदिर-मंदिर घूम रहे और सिब्बल सुनवाई टलवा रहे हैं''

भाजपा अध्यक्ष शाह ने कहा, सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल की दलीलें हैरान करने वाली हैं।

अयोध्या में रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सुनवाई 8 फरवरी तक के लिय टाल दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड की और से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पैरवी की। कोर्ट में बहस के दौरान सिब्बल ने मांग की कि अयोध्या मामले की सुनवाई 2019 के चुनाव तक टाल दी जाए।

इस पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि कपिल सिब्बल की दलीलें हैरान करने वाली हैं, कांग्रेस और राहुल गांधी को इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें- सोमनाथ मंदिर विवाद : उमा भारती ने दी सोनिया, राहुल गांधी को भागवद गीता पढ़ने की नसीहत

उन्होंने कहा कि भाजपा एक भव्य राम मंदिर की पक्षधर है। शाह ने कहा, सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के नेता और सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से आश्चर्यजनक दलील रखते हुए कहा कि 2019 के आम चुनावों के खत्म होने तक सुनवाई टाल देना चाहिए।

जब भी कांग्रेस को ऐसे मामलों में अपना रुख रखना होता है तो कपिल सिब्बल को आगे किया जाता है। कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे कपिल सिब्बल की बातों से सहमत हैं या नहीं। जब सभी कागजात तैयार हैं, तो सुनवाई टालने का क्या मतलब है।

अमित शाह ने राहुल गांधी से जवाब मांगते हुए कहा,एक तरफ तो कांग्रेस के आगामी अध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात में मंदिरों का दौरा कर रहे हैं, तो वहीं कपिल सिब्बल कोर्ट में ऐसी बातें कर रहे हैं। मैं कांग्रेस पार्टी से अपील करता हूं कि उन्हें इस मामले में अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।'

भाजपा की मांग सुप्रीम कोर्ट सुनवाई पूरी कर जल्द सुनाए फैसला

शाह ने कहा,भाजपा की यह मांग है कि सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुनाए। भाजपा अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर के निर्माण की पक्षधर है।'

आपको बता दें कि कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 8 फरवरी 2018 की तारीख दे दी। अब इस मामले में 8 फरवरी से सुनवाई शुरू होगी। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी वकीलों को कहा कि इस मुकदमे से जुड़े सभी दस्तावेजों को पूरा करें ताकि मामले की सुनवाई ना टाली जाए।

Share it
Top