logo
Breaking

अयोध्या/ राम मंदिर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी मिलाया संघ-विहिप के सुर में सुर

अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी संघ व विहिप के साथ सुर मिला दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा है कि अब सरकार को अयोध्या में राममंदिर के लिए संवैधानिक पहल शुरू कर देनी चहिए।

अयोध्या/ राम मंदिर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी मिलाया संघ-विहिप के सुर में सुर

अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी संघ व विहिप के साथ सुर मिला दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा है कि अब सरकार को और विलंब न करते हुए अयोध्या में भव्य राममंदिर को मुर्त रूप देने के लिए संवैधानिक पहल शुरू कर देनी चहिए।

उन्होंने कहा कि साधु-संतों के इतर भाजपा की भी प्रतिबद्धता है कि अयोध्या में राममंदिर का निर्माण आपसी सहमति या न्यायालय के फैसले अथवा संसद में कानून बनाकर किया जाएगा लेकिन आपसी सहमति बन नहीं पा रही है और न्यायालय की प्रक्रिया बेहद विलंबित व उबाऊ हो गई है।

कानून बनाना ही अंतिम रास्ता

कलराज मिश्र ने कहा कि दिन-प्रतिदिन की सुनवाई के लिए सर्वोच्च अदालत तैयार नहीं है तो अब केवल कानून बनाकर ही शीघ्र मंदिर निर्माण का रास्ता बच रहा है। लिहाजा सरकार को अब इस मामले में गंभीरता से सोचना चाहिए। यह पूछे जाने पर की क्या सरकार अध्यादेश अथवा कानूनी प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर ही है?

रुकावटें दूर करना जिम्मेदारी

मिश्र ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इसकी राह में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए अध्यादेश अथवा विधेयक के माध्यम से संसद में कानून बनाकर जो उचित लगे,पहल करनी चाहिए। क्योंकि पहले ही इस मामले में काफी विलंब हो चुका है अब और विलंब उचित नहीं।

संघ व विहिप को पूरा समर्थन

मिश्र ने कहा कि सरकार क्या फैसला करेगी यह तो आने वाला समय तय करेगा लेकिन मंदिर मुद्दे पर उनका संघ व विहिप को पूरा समर्थन है। वैसे भी यह जनभावनाओं से जुड़ा विषय है। मिश्र ने कहाकि वे सरकार के अंग नहीं हैं। इसलिए कुछ कह नहीं सकते, लेकिन गेंद अब सरकार के पाले में है।

मंदिर निर्माण का मुद्दा भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल रहा है तो निर्णय तो लेना ही होगा। एक अन्य वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी कहा है कि राममंदिर निर्माण होना चाहिए और इसके लिए जो भी विकल्प हो सरकार को आजमाना चाहिए।

संघ व विहिप ने दी है चेतावनी

उल्लेखनीय है कि अयोध्या में अध्यादेश अथवा संसद द्वारा कानून बनाकर राममंदिर निर्माण की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद और संघ ने सरकार को चेतावनी दे रखी है और कहा है कि शीतकालीन सत्र में ही वह इसकी पहल करें। अन्यथा 31 जनवरी को प्रयाग के धर्मसंसद में संत अपना रास्ता खुद तय कर इस बारे में निर्णय ले लेंगे।

Loading...
Share it
Top