Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

एक्सिस बैंक में 4 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी, पीएएल कंपनी के तीन निदेशक गिरफ्तार

एक्सिस बैंक की शिकायत पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने कंपनी के तीन निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि एक्सिस बैंक ने पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड (पीएएल) के भवरलाल भंडारी, प्रेमल गोरागांधी और कमलेश कानूनगो के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।

एक्सिस बैंक में 4 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी, पीएएल कंपनी के तीन निदेशक गिरफ्तार
X

पंजाब नेशनल बैंक में हुए महाघोटाले के बाद मुंबई में प्राइवेट सेक्टर के तीसरे सबसे बड़े बैंक में 4 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है।

इसे भी पढ़े- तेलांगना के सीएम पहुंचे कोलकाता, केसी राव-ममता बनर्जी की मुलाकात से तीसरा मोर्चे की कवायद तेज

एक्सिस बैंक की शिकायत पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने कंपनी के तीन निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि एक्सिस बैंक ने पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड (पीएएल) के भवरलाल भंडारी, प्रेमल गोरागांधी और कमलेश कानूनगो के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।

इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई है। इन पर आरोप है कि इन्होंने लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एलओयू) का इस्तेमाल करते हुए जाली कंपनियों के बिल दिखाकर बैंक की मुख्य शाखा को 250 करोड़ रुपए का चूना लगाया था।

इसे भी पढ़े- योगी सरकार का एक साल, एंटी करप्शन पोर्टल लॉन्च- ऐसे दर्ज करें शिकायत

बैंक ने अन्य निदेशकों के खिलाफ भी शिकायत की है। इनके नाम अमिताभ पारेख, राजेंद्र गोठी, देवांशु देसाई, किरन पारिख और विक्रम मोरदानी हैं। इनमें अमिताभ पारेख की 2013 में मौत हो गई थी।

पारेख अल्यूमिनेक्स के खिलाफ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक की शिकायत पर सीबीआई पहले से ही जांच कर रही है। उनका आरोप है कि कंपनी रियल स्टेट डेवलेपर्स को फंड डाइवर्ट कर देती थी।

ऐसे की धोखाधड़ी

कंपनी ने बैंक से पहले 125 करोड़ के तीन शॉर्ट टर्म लोन लिया और बैंक का भरोसा जीतने के लिए चुका भी दिए। साल 2011 में पारेख ने एक्सिस बैंक से 127.5 करोड़ रुपए का लोन लिया।

इसके लिए उसने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक ऐसी मीटिंग से जुड़े दस्तावेज दिए जो मीटिंग कभी हुई ही नहीं थी। बैंक ने कंपनी को कच्चा माल और उपकरण खरीदने के लिए लोन दे दिया।

नीरव के खिलाफ हाईकोर्ट में ईडी

पीएनबी घोटाले का सूत्रधार नीरव मोदी अपनी कंपनी के माध्यम से मनी लांड्रिंग मामले को अप्रत्यक्ष रूप से चुनौती दे रहा है। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय ने दर्ज किया है।
ईडी ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय को यह जानकारी दी। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संदीप सेठी ने कहा कि मोदी फरार है, वह अपनी कंपनी के जरिए याचिका दायर करके कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहा है।
फायरस्टार डायमंड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने इस मामले में ईडी कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है, जो कि खुद इस मामले में आरोपियों में से एक है। ईडी ने केंद्र सरकार के वकील अमित महाजन के जरिए अपना हलफनामा दायर किया।

राजा, कनिमोझी के खिलाफ याचिका

प्रवर्तन निदेशालय ने 2जी स्पेक्ट्रम केस में ए राजा और कनिमोझी समेत बाकी आरोपियों की रिहाई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। बीते साल दिसंबर में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने दोनों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।

दरअसल, पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और डीएमके सांसद कनिमोझी पर आरोप था कि उन्होंने 2008 में टेलीकॉम कंपनियों को गलत तरीकों से स्पेक्ट्रम की नीलामी की, जिससे सरकार को 1 लाख 76 हजार करोड़ का घाटा हुआ था। 2010 में आई कैग रिपोर्ट में इस नीलामी पर सवाल भी उठाए गए थे।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story