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हेलिकॉप्टर डील: पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी गिरफ्तार

ब्रिटिश कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से यह डील यूपीए-2 के कार्यकाल में हुई थी।

हेलिकॉप्टर डील: पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी गिरफ्तार
नई दिल्ली. अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआइपी हेलिकॉप्टर सौदे में कथित घूसखोरी के मामले में शुक्रवार को पूर्व वायु सेना प्रमुख एसपी त्यागी को सीबीआइ ने गिरफ्तार कर लिया। उनके कजिन संजीव त्यागी और एक वकील को भी 12 वीवीआइपी हेलिकॉप्टरों की खरीद में 450 करोड़ रुपए की घूसखोरी से जुड़े इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। ब्रिटिश कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से यह डील यूपीए-2 के कार्यकाल में हुई थी।
71 साल के त्यागी, उनके कजिन और चंडीगढ़ के रहने वाले वकील गौतम त्यागी को शुक्रवार को पूछताछ के लिए सीबीआइ हेडक्वॉटर्स बुलाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, चार घंटे लंबी पूछताछ के बाद तीनों को हिरासत में ले लिया गया।
बता दें कि 2013 में सीबीआइ की ओर से इस मामले में केस दर्ज किए जाने के बाद पहली बार गिरफ्तारियां हुई हैं। इस घोटाले से जुड़ी विस्तृत सूचनाएं इटली में सार्वजनिक हुईं, जहां सरकारी वकीलों ने अगस्ता की मुख्य कंपनी फिनमेक्कैनिका के चीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस साल सात अप्रैल को इटली की एक अदालत ने इस डील में घूस देने के आरोप में फिनमेक्कैनिका के दो अधिकारयों को दोषी ठहराया था।
पूर्व वायु सेना प्रमुख त्यागी पर आरोप
एनबीटी की खबर के मुताबिक, सीबीआइ प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने कहा, 'आरोप है कि चीफ ऑफ एयर स्टाफ (त्यागी) और कुछ अन्य आरोपी आपराधिक साजिश में शामिल थे। यह भी आरोप है कि वह 2005 में भारतीय वायुसेना के काफी वक्त से चले आ रहे उस रुख को बदलने के लिए राजी हुए, जिसमें वीवीआइपी हेलिकॉप्टरों की ऑपरेशनल क्षमता की ऊंचाई 6 हजार मीटर रखने की बात कही गई थी। त्यागी कथित तौर पर इस मानक को घटाकर 4500 मीटर करने के लिए राजी हुए।' प्रवक्ता ने बताया कि मानकों में इन बदलावों की वजह से ब्रिटिश कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड भी वीवीआइपी हेलिकॉप्टर सौदे की दौड़ में शामिल हो सकी।
बिचौलियों और रिश्तेदारों के जरिए घूस
प्रवक्ता के मुताबिक, 'जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि इस तरह का लाभ पहुंचाए जाने के बाद आरोपी वेंडर्स ने बिचौलियों और रिश्तेदारों के जरिए घूस दी। यह घूस गैरकानूनी तरीके से पब्लिक सर्वेंट्स पर अपने प्रभाव को इस्तेमाल करने के लिए दी गई।' बता दें कि बीते तीन सालों में कई मीडिया इंटरव्यू में त्यागी और उनके कजिन ने खुद पर लगे आरोपों का पुरजोर खंडन किया था। त्यागी ने कहा था कि मानकों में बदलाव एक संयुक्त तौर पर लिया गया फैसला था, जिसमें वायु सेना, एसपीजी और दूसरे विभाग शामिल थे।

विदेशी रूट से आया पैसा
सीबीआइ का आरोप है कि वकील खेतान ने कबूल किया कि उन्होंने यूरोप के बिचौलिए ग्यूडो हैश्क और कार्लो गेरोसा से पैसे लिए। हालांकि, खेतान ने यह भी कहा कि ये पैसे डील को प्रभावित करने के लिए घूस के तौर पर नहीं लिए गए। सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक, घूस का पैसा बिचौलियों और रिश्तेदारों के जरिए त्यागी तक पहुंचा।
1 जनवरी 2014 को यह डील कैंसल
बता दें कि 1 जनवरी 2014 को भारत ने यह डील कैंसल कर दी थी। वजह घूसखोरी और डील के शर्तों का उल्लंघन बताई गई। सीबीआइ ने इस मामले में त्यागी और 18 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें त्यागी के रिश्तेदार, बिचौलिए और कंपनियां भी शामिल हैं। घूस का पैसा किस तरह से विदेश से भारत पहुंचा, इस बात का पता लगाने के लिए सीबीआइ ने इटली, ब्रिटेन, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, ट्यूनीशिया, सिंगापुर समेत आठ देशों को जुडिशल रिक्वेस्ट भेज चुकी है।
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