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20 हजार से अधिक की लेन देन का देना होगा हिसाब

19 जुलाई से अस्तित्व में आएगा नया नियम।

20 हजार से अधिक की लेन देन का देना होगा हिसाब
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अपने ग्राहकों की ओर से आयकर अधिकारियों के सामने (ऑडिट) रिपोर्ट फाइल करते समय उसमें अचल संपत्तियों के सिलसिले में 20 हजार रुपए से अधिक के लेन-देन का भी ब्योरा देना होगा।

आयकर अधिनियम के तहत 50 लाख रुपए से अधिक की सकल आय अर्जित करने वाले पेशेवरों और एक करोड़ रुपए से अधिक कारोबार करने वाली कंपनियों को अपने खाते का ऑडिट कराना होगा।

वर्ष 2018-19 से कंपनियों के लिए कारोबार की सीमा बढ़ाकर दो करोड़ रुपए कर दी गई है। ऑडिटरों को आयकर रिटर्न के साथ दाखिल टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में लिए गए कर्ज और 20 हजार रुपए से अधिक की अदायगी का उल्लेख करना होता था।

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अब इस रिपोर्ट में संपत्ति से जुड़े 20 हजार रुपए से अधिक के लेन-देन का भी उल्लेख करना होगा। इस कदम से वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता आएगी। कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी।

अधिसूचना में क्या:

आयकर विभाग की अधिसूचना के अनुसार ऑडिटरों को वित्त वर्ष 2016-17 से 20 हजार रुपए से अधिक की हर रकम के सिलसिले में वित्तीय लेन-देन का विवरण देना होगा। इसमें अचल संपत्ति के संदर्भ में भुगतान की गई और ली गई राशि शामिल है।

यह भी बताना होगा

ऑडिटर को भुगतान के तरीके भी बताने होंगे। पेमेंट अकाउंट पेई या बियरर चेक के जरिये किया गया या इलेक्‍ट्रॉनिक सिस्‍टम के जरिए।

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फार्म में संशोधन

आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम की धारा 44एबी के तहत कर ऑडिट रिपोर्ट के फार्म 3सीडी को संशोधित किया है। संशोधित नियम 19 जुलाई 2017 से प्रभाव में आ जाएंगे। निर्धारण वर्ष 2017-18 में यह लागू होगा।

क्या होगा फायदा

माना जा रहा है कि इस कदम से वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता आएगी। टैक्स चोरी रोकने में भी मदद मिलेगी। इसमें अचल संपत्ति के लिए पैसा लेना और देना दोनों शामिल होगा।

करदाताओं के लिए फिल्ड कार्यालय:

जीएसटी व्यवस्था के सुगमता से संचालन के लिए सरकार ने केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के फील्ड कार्यालयों से करदाताओं की जरूरतों के लिए एक स्थान पर समाधान उपलब्ध कराने को कहा है। सीबीईसी के सदस्य एस रमेश ने पत्र में कहा, मुख्य आयुक्तों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ये सेवा केंद्र करदाताओं के लिए एक स्थान पर समाधान उपलब्ध कराएं।

इधर, ईपीएफ पर घट सकता है ब्याज

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन चालू वित्त वर्ष के लिये भविष्य निधि जमा पर ब्याज की घोषणा अगले महीने कर सकता है। श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने संवाददाताओं से कहा, केंद्रीय न्यासी बोर्ड में चर्चा के बाद मेरा मंत्रालय इस पर निर्णय करेगा।

बैठक अगले महीने होगी। ऐसी चर्चा है कि ईपीएफ पर ब्याज दर में 2016-17 के 8.65 प्रतिशत के मुकाबले 0.25 प्रतिशत की कमी की जा सकती है। इसका कारण प्रतिभूति या बांड पर रिटर्न में गिरावट है।

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