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2014 में छोड़ गई वो महिला, जिसको सबसे ज्यादा प्यार करते थे अटल बिहारी वाजपेयी

भारत रत्न और तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी का 25 दिसंबर को 95वां जन्मदिन है। वो एक राजनेता ही नहीं कुशल राजनीतिज्ञ, प्रशासक, भाषाविद, कवि, पत्रकार व लेखक भी थे।

2014 में छोड़ गई वो महिला, जिसको सबसे ज्यादा प्यार करते थे अटल बिहारी वाजपेयी
भारत रत्न (Bharat Ratna) और तीन बार देश के प्रधानमंत्री (Prime Minister) रहे अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Bajpai) का 25 दिसंबर को 95वां जन्मदिन है। वो एक राजनेता ही नहीं कुशल राजनीतिज्ञ, प्रशासक, भाषाविद, कवि, पत्रकार व लेखक भी थे। अपनी कविताओं के जरिए वो हर बात को बड़े ही तरीके से कह जाते थे। वो भारतीय राजनीति के इतिहास में संपूर्ण व्यक्तित्व शिखर पुरुष थे। इसी साल 16 अगस्त 2018 को 93 साल की उम्र में निधन हो गया। उनसे जीवन से जुड़ा एक सवाल आज भी लोग और सोशल मीडिया पर पूछा जाता है कि अटल बिहारी वाजपेयी की पत्नी कौन है। आखिर अटल बिहारी वाजपेयी ने शादी क्यों नहीं की। इस तरह के सवाल इंटरनेट पर काफी सर्च किए जाते हैं। लेकिन वायरल सच में हम आपको बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी शादी नहीं की थी। वो आजीवन अविवाहित ही रहे...

एटरव्यू के दौरान कई बार दिया एक ही सवाल का जवाब

उनकी शादी को लेकर कई सवाल थे जो उनसे और उनके परिवार से कई बार मीडिया बातचीत के दौरान पूछे गए। इस बाद का जवाब संसद में भी अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था। उन्होंने विपक्ष के सवाल पर जवाब दिया कि मैं अविवाहित हूं लेकिन कुंवारा नहीं हो। इस जवाब के बाद विपक्ष ने कभी उनसे उनकी शादी को लेकर ऐसा कोई सवाल जवाब नहीं पूछा। लेकिन इंटरव्यूज के दौरान इस सवाल के बारे में सबसे ज्यादा पूछा गया।

परिवार ने कई बात बताया आजीवन अविवाहित होने का कारण

एक इंटरव्यू के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने हल्की सी मुस्कान के साथ जवाब दिया था कि व्यवस्तता के चलते ऐसा नहीं हो पाया था। इतना ही नहीं उनके रिश्तेदारों ने भी कहा कि राजनीतिक सेवा के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने राष्ट्रीय, स्वंय सेवक संघ के लिए आजीवन अविवाहित रहना को जो वचन लिया था वो उस पर हमेशा अटल भी रहे।

कॉलेज के दौरान हुई थी महिला मित्र से मुलाकात

वाजपेयी का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसम्बर 1924 को हुआ था। पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी था जो पेशे से एक टीचर थे। उनकी माता कृष्णा थीं। बाड़ा से ही उन्होंने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की। इसके बाद विक्टोरिया कॉलेज से इंटरमीडिएट तक उन्होंने पढ़ाई की। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक महिला मित्र से हुई थी। कहा जाता है कि इसी महिला मित्र को कभी दिल दे बैठे थे अटल बिहारी वाजपेयी।

एक चिट्ठी लिखकर किया था प्यार का इजहार

‘अटल बिहारी वाजपेयीः ए मैन ऑफ आल सीजंस’की इस किताब में उनकी महिला मित्र के बारे में बताया गया है। कहा जाता है कि अटलजी ने कॉलेज के दिनों में राजकुमारी कौल को एक चिट्ठी लिखकर अपने पहले प्यार का इजहार किया था। लेकिन इस सवाल का जवाब कभी उनको नहीं मिला। कहा जाता है कि अटल जी ने जिस किताब में चिट्ठी लिखकर छोड़ी थी उसी किताब में राजकुमारी कौल ने भी जवाब लिखा था। लेकिन कभी वो जवाब अटल जी को मिला नहीं। लेकिन उनकी दोस्ती हमेशा बनी रही अंतिम वक्त तक राजकुमार कौल उनकी साथ रहीं।

प्रधानमंत्री आवास पर था थी महिला मित्र

जब 1998 में वो प्रधानमंत्री आवास 7, रेसकोर्स रोड में रहने पहुंचे तो उनकी दोस्त राजकुमारी कौल की बेटी और उनकी दत्तक पुत्री नम्रता और उनके पति रंजन भट्टाचार्य भी वहां रहा था। इसको लेकर भी एक कहानी है कि जब अटल जी राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हो गए तो उसी दौरान उनकी महिला मित्र की शादी प्रोफेसर ब्रिज नारायण कौल से कर दी गई। शादी के बाद वो दिल्ली के रामजस कॉलेज के कैंपस में रहने लगी और एक बार फिर दोनों के बीच रिश्ते तेज हो गए।

महिला मित्र की बेटी को लिथा था गोद

अब सवाल है कि आखिर जब वो अविवाहित रहे तो उनकी बेटी कहा से आई। उनके पास नमिता भट्टाचार्य नाम की एक बेटी थी, जो राजकुमारी कौल की बेटी हैं। नमिता की शादी रंजन भट्टाचार्य से हुई है। जो ओएसडी के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी एक बेटी भी है जिसका नाम निहारिका है। जो अटलजी को नाना कहा करती थी।

अंतिम वक्त तक साथ थे अटल और महिला मित्र

कौल और वाजपेयी के बीच पारिवारिक संबंध काफी पुराने रहे हैं। पति की मौत के बाद कौल अटल जी के घर रहने लगी थी। साल 2014 में ही उनका निधन हो गया। देश के कई प्रमुख अखबारों ने कौल और अटल के रिश्तों को लेकर बहुत कुछ लिखा। एक हेड लाइन थी- राजकुमारी कौल को अटलजी के जीवन की डोर तक बताया।
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