Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

जानिए आखिर क्यों अटल बिहारी वाजपेयी को पाकिस्तान जाना पड़ा

अटल बिहारी वाजपेयी भारत-पाक संबंधों को लेकर हमेशा चिंतित दिखते। वे युद्ध के पक्षधर नहीं थे लेकिन पाकिस्तान की आदतों से परेशान हो कर उन्होंने कारगिल की जंग छेड़ी थी।

जानिए आखिर क्यों अटल बिहारी वाजपेयी को पाकिस्तान जाना पड़ा

अटल बिहारी वाजपेयी भारत-पाक संबंधों को लेकर हमेशा चिंतित दिखते। वे युद्ध के पक्षधर नहीं थे लेकिन पाकिस्तान की आदतों से परेशान हो कर उन्होंने कारगिल की जंग छेड़ी थी। इसके बाद पाक के पसीने छुट गए थे।

वैसे अटल बिहारी वाजपेयी कई बार पाकिस्तान गए और संबंधों को सुधारने के लिए बात की लेकिन पाकिस्तान अपनी आदतों से बाज आने वालों में से नहीं है। वाजपेयी जी की कविता भी पाकिस्तान और कश्मीर को लेकर उनकी संजीदगी को बताता है।

दिसंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाहौर के सरप्राइज विजिट पर पहुंचे। यानी 12 साल पहले अटल बिहारी ने पाकिस्तान का दौरा किया था इसके बाद कोई भारतीय पीएम नहीं गया था।

इसे भी पढ़ें- NDMC ने जीवित अटल जी के लिए रखा मौन

इससे पहले 1999 में दिल्ली-लाहौर बस सर्विस के एनॉगरेशन और 2004 में एक समिट के लिए वाजपेयी पाक गए थे। सर्विस का एनॉगरेशन करते हुए फर्स्ट पैसेंजर के तौर पर वाजपेयी पाकिस्तान की विजिट पर पहुंचे थे। इस दौरान एक खास लम्हा पाकिस्तान आज तक भूल नहीं पाया।

मतलब एक समय ऐसा भी रहा जब पाकिस्तान भी इनका मुरीद हो गया। बात कुछ ऐसी थी कि 19 फरवरी, 1999 को लाहौर बस यात्रा के दौरान वह शांति का संदेश लेकर पाकिस्तान गए। वाजपेयी ने मीनार-ए-पाकिस्तान का दौरा किया।

इसे भी पढ़ें- अटल बिहारी का भाषण सुन कायल हो गए थे नेहरू

जहां उन्होंने पाकिस्तान के अस्तित्व के लिए भारत की प्रतिबद्धता की एक बार फिर से पुष्टि की। लाहौर के गवर्नर हाउस में जोरदार भाषण देकर उन्होंने पाकिस्तान की जनता को अपना कायल बना दिया।

इसके बाद जनवरी 2004 में दूसरी बार अटल बिहारी वाजपेयी 12वीं सार्क समिट में शामिल होने पाकिस्तान गए थे। इस दौरान भी अटल जी ने दमदात तरीके से भारत की बात रखी थी।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top