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अटल जी ने क्यों कहा था कि हनुमान जी वानर नहीं, इंसान थे

अटल जी ने कहा कि सीता जी पवित्र हैं। उनके (राम) मन में कभी संदेह नहीं था। रावण की क्या हिम्मत थी, क्या साहस था- उस अग्निशिखा (सीता) पर आंखें डाल सकता।

लेकिन राजा थे, लोकनायक थे। पराए घर में रही नारी के बारे में 'सौ मुंह हजार बातें'। इस लिए सीता को अग्नि परीक्षा देनी पड़ी। अग्नि परीक्षा सती को ही देनी पड़ती है- वेश्या को नहीं देनी पड़ती। प्रजा की आराधना के लिए राम ने सीता को छोड़ दिया। आज हमारी पढ़ी-लिखी बहनें कहेंगी कि सीता के साथ अन्याय हुआ है।

सचमुच में अन्याय हुआ, लेकिन अन्याय किया पति राम ने, किन्तु न्याय किया राजा राम ने। पत्नी के साथ अन्याय हुआ, परन्तु प्रजा के साथ न्याय किया राजा राम ने। आज यह आदर्श की बात दिखाई देती है। कौन इस तक पहुंच सकता है।

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