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अटल जी ने क्यों कहा था कि हनुमान जी वानर नहीं, इंसान थे

वाजपेयी जी ने कहा था कि यह विचार अपने मन से निकाल दीजिए कि हनुमान जी बंदर थे। मूर्तियां ऐसी बनी हैं, चित्र ऐसे बने हैं, लेकिन सचमुच में वो हमारे जैसे मनुष्य थे।

उनकी पूंछ नहीं थी, वे कमर में रस्सा बांधते थे और रस्से का थोड़ा हिस्सा लटकता रहता था, जो आगे जाकर पूंछ के रूप में चित्रित होने लगा।

भगवान राम ने लक्ष्मण से कहा सुनो! कितना हनुमान शुद्ध संस्कृत बोल रहे हैं, व्याकरण की एक भी गलती नहीं है। अब वानर कितने भी चतुर हों, अगर वे सचमुच वानर हैं तो ऐसा नहीं कर सकते।

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